
Uttarakhand News: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों से भरा एक बोलेरो वाहन गौरीकुंड के पास लगभग 70 मीटर गहरी खाई में गिरकर मंदाकिनी नदी में जा समाया। इस दर्दनाक हादसे में कोलकाता के एक तीर्थयात्री की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। घायलों में से पांच गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो अन्य का जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में इलाज चल रहा है।
हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन चालक ने गाड़ी को ढलान पर खड़ा किया था और वह पहियों के सामने पत्थर लगाने के लिए नीचे उतरा था। उसी समय यह हादसा हो गया। गाड़ी में उस समय 13 लोग सवार थे, जिनमें एक मासूम बच्चा और एक किशोर भी शामिल था। वाहन के नौ सीट होने के बावजूद उसमें अत्यधिक यात्रियों को बैठाया गया था।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच की 5 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए शटल सेवा का उपयोग किया जाता है, क्योंकि गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा का मार्ग है। 31 जुलाई को आई आपदा के बाद से सोनप्रयाग के पास का हाईवे अब तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया है। इसलिए, शटल सेवा को लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे मुनकटिया से संचालित किया जा रहा है।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 13 तीर्थयात्रियों का एक समूह बोलेरो वाहन से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुआ था। उन्हें गौरीकुंड से करीब आधा किलोमीटर पहले एक स्थान पर उतारना था। जिस स्थान पर वाहन चालक ने गाड़ी खड़ी की, वह ढलान पर था और ढलान नीचे खाई की ओर जाती थी।
वाहन के खाई में गिरने की वजह
ढलान पर वाहन खड़ा करने के बाद, चालक पत्थरों को पहियों के आगे रखने के लिए गाड़ी से बाहर निकला। लेकिन जैसे ही वह बाहर उतरा, गाड़ी अचानक से पीछे की ओर खिसकने लगी और सीधा खाई में जा गिरी। पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। गाड़ी के खाई में गिरने के बाद मंदाकिनी नदी में समाने के बावजूद सभी यात्रियों को निकाल लिया गया और उन्हें तुरंत सोनप्रयाग के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
एक यात्री की मौत, अन्य घायल
इस हादसे में कोलकाता के रहने वाले 68 वर्षीय सुनील कुमार दास की मौके पर ही मौत हो गई। वह हावड़ा, बंगाल के फकीर चंद पाथक लेन निवासी थे। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच अन्य यात्रियों को हेलीकॉप्टर सेवा से एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जबकि दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में चल रहा है। बाकी पांच अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिनका प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
घायलों की सूची
इस हादसे में घायल यात्रियों में शामिल हैं:
- पिंकी (35)
- आर्यन (1)
- महेश (35)
- सरिता (25) – निवासी अयोध्या, उत्तर प्रदेश
- विदिशा (22)
- पी. भूमि (29)
- मंजू दास (68)
- दीप पवन (15)
- सोमिस्ता दास (40)
- समोली (58)
- मालोनिका दास (58)
- सोनीमा दास (40)
ये सभी यात्री उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए जा रहे थे।
राहत और बचाव कार्य
गौरीकुंड और सोनप्रयाग की पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को खाई से निकालकर निजी वाहनों के जरिए सोनप्रयाग के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और वाहन चालकों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ढलान या खतरनाक मोड़ होते हैं।