यूक्रेन से लौटा रुड़की का छात्र बोला धमाकों की आवाज सुन छिप जाते थे बंकर में

रुड़की । एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष का छात्र विशाल सकुशल यूक्रेन से शनिवार को सकुशल अपने परिजनों के पास घर पहुंच आया। विशाल की खैर खबर लेने के लिए दोस्तों, परिचितों और रिश्तेदारों का घर पर तांता लगा हुआ है। विशाल ने वहां की हकीकत बताई तो सभी सहम गए। हालांकि खारकीव का इलाका विशाल के हॉस्टल से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर था। लेकिन धमाकों और सायरन की आवाज ने हर वक्त वहां खौफजदा था। बाहर जाने की किसी को अनुमति नहीं की। आसमान में रंग बिरंगी रोशनी को देखकर समझ जाते थे कि मिसाइल से हमला हुआ है। सड़क पर टैंक और सेना गश्त करती थी।विशाल कुलवारीया शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। एमबीबीएस के द्वितीय वष के छात्र विशाल को अपनी आंखों के सामने सकुशल देखकर परिजनों की आंखें नम हो गई। देर रात विशाल अपने परिजनों के साथ रुड़की स्थित डिफेंस कॉलोनी आवास पर पहुंच गए। बताया कि हर वक्त धमाके और सायरन की आवाज सुनकर दिल दहल जाता था। सभी छात्र हॉस्टल में थे। हर छात्र वहां परिजनों को केवल मैसेज के जरिए ही वहां के हालात बता रहा था। क्योंकि नेटवर्क प्रॉब्लम के कारण फोन नहीं लग पा रहा था। सभी छात्र बंकर में छिप जाते थे जब कोई सायरन और तेज धमाका होता था। विशाल ने बताया वह सिटी दानीपरो यूक्रेन में थे। जहां हालात सामान्य थे। जबकि युद्ध सिटी करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर थी। लेकिन धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि वहां तक सुनाई देती थी।





