Meenu Munir: ‘कमरे में ले जाकर पोर्न दिखाने के लिए मजबूर किया गया’, फिल्म निर्माता के खिलाफ अभिनेत्री ने किया खुलासा

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Meenu Munir: हाल ही में हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद से मलयालम फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न से संबंधित एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। मशहूर फिल्म अभिनेत्री मीनू मुनीर ने कुछ दिनों पहले यह दावा किया था कि 2013 में जब वह एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं, तो उनके सह-कलाकारों और तकनीशियनों ने उनके साथ मौखिक और शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया। इसी बीच, मीनू ने मलयालम फिल्म निर्माता-अभिनेता बलचंद्र मेनन के खिलाफ एक गंभीर आरोप लगाया है।

कमरे में बैठने के लिए मजबूर किया गया: मुनीर

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, मीनू ने दावा किया कि 2007 में बलचंद्र ने उन्हें अपने कमरे में समूह सेक्स देखने के लिए मजबूर किया। मुनीर ने कहा कि उस कमरे में उनके साथ कई अन्य लोग भी थे। उस कमरे में उनके साथ तीन अन्य लड़कियां भी थीं। जब मैंने कमरे से जाने की कोशिश की, तो बलचंद्र ने मुझे बलात्कारी तरीके से बैठने के लिए कहा।

मुनीर ने कई लोगों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

इससे पहले, मुनीर ने सात लोगों पर शारीरिक और मौखिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया था। कुछ दिन पहले, मुनीर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट साझा किया और दावा किया, “मैं मलयालम फिल्म उद्योग में मुकेश, माणिक्यन पिल्ला राजू, इडावेला बाबू, जयसूर्या, अधिवक्ता चंद्रशेखरन, उत्पादन नियंत्रक नोबल और विचु द्वारा मेरे साथ हुए सभी उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में लिख रही हूं।”

फिल्म उद्योग में महिलाओं की स्थिति

मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं की स्थिति हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। हालांकि, हाल के खुलासे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कई महिला कलाकारों को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। मीनू मुनीर के खुलासे ने इस मुद्दे को और अधिक गंभीर बना दिया है। जब कोई महिला अपनी आवाज उठाती है, तो यह न केवल उसे मजबूती देता है बल्कि अन्य महिलाओं को भी अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित करता है।

हेमा कमेटी की रिपोर्ट का प्रभाव

हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इस रिपोर्ट के बाद से कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए हैं और इसे एक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी, कई बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। मीनू मुनीर का खुलासा एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

मीनू मुनीर का समर्थन

मीनू मुनीर की इस बहादुरी के लिए उन्हें कई प्रशंसा प्राप्त हो रही है। सोशल मीडिया पर उनके लिए समर्थन के संदेश आ रहे हैं और लोग उनकी बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि इस तरह के खुलासे फिल्म उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं।

क्या हैं इसके पीछे के कारण?

फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न की घटनाएं अक्सर नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे कि शक्ति का दुरुपयोग, उद्योग में असमानताएं और महिलाओं की आवाज को दबाने की प्रवृत्ति। मीनू मुनीर जैसे कलाकारों का साहस इस समस्या के समाधान में सहायक हो सकता है।

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