
Haldwani: हल्द्वानी के लालकुआं क्षेत्र की 74 महिलाओं से लगभग 50 लाख रुपये की ज्वेलरी ठगी का मामला जनता दरबार में सामने आया। कुछ महिलाओं ने भारी ब्याज का लालच देकर उनकी ज्वेलरी जमा कराई और फिर वापस नहीं लौटाई। यह शिकायत मंडलायुक्त दीपक रावत के जनता दरबार में पहुंची, जहां पीड़ित महिलाओं ने आपबीती सुनाई। मंडलायुक्त ने मामले की गंभीरता को समझते हुए सभी पक्षों को अगली जनसुनवाई में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
कैसे हुआ गबन?
जनता दरबार में दर्ज शिकायत के अनुसार, लालकुआं क्षेत्र की गीता, रेखा, राखी और सोनम नाम की महिलाओं ने क्षेत्र की 74 महिलाओं से उनकी सोने की ज्वेलरी जमा करवाई। पीड़िताओं को बताया गया कि उन्हें उनके गहनों पर मोटा ब्याज मिलेगा। करीब 50 लाख रुपये की ज्वेलरी स्थानीय ज्वेलर्स के पास गिरवी रखी गई और उसके बदले प्राप्त धनराशि को ब्याज और संपत्ति में निवेश किया गया। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि अब न तो उनकी ज्वेलरी उन्हें लौटाई जा रही है और न ही ब्याज की राशि दी जा रही है।
मंडलायुक्त की कड़ी चेतावनी
मंडलायुक्त दीपक रावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों को अगले जनता दरबार में पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने धन का निवेश केवल सरकारी बैंकों और संस्थानों में करें। उन्होंने कहा कि अधिक कमाई के लालच में ऐसे ठगी के मामले सामने आ रहे हैं और जनता को जागरूक रहने की आवश्यकता है।
अन्य शिकायतों पर कार्रवाई
जनता दरबार में अन्य मामलों को भी सुना गया। काशीपुर निवासी रहीम को उनकी कार की बिक्री पर बकाया दो लाख रुपये की राशि तुफैल से दिलाई गई। इसी तरह, महिपाल सिंह अधिकारी ने मंडलायुक्त को बताया कि उन्होंने हल्द्वानी के बमोरी तल्ला खाम में 3600 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। उन्होंने शिव सिंह नैयाल को 25 लाख रुपये दिए, लेकिन नैयाल ने रजिस्ट्री नहीं की और केवल 16 लाख रुपये लौटाए। शेष नौ लाख रुपये वापस नहीं किए। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि नैयाल ने शेष राशि वापस नहीं की तो उनके खिलाफ भूमि धोखाधड़ी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के इलाज की निगरानी
इसके अलावा, मंडलायुक्त ने कूपी में हुए भयानक बस हादसे में घायलों के इलाज की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पौड़ी और अल्मोड़ा के जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मृतकों के परिवारों और घायलों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शीघ्र कार्रवाई करें।
जनता दरबार में आए मामले ने समाज को सचेत किया है कि निजी स्तर पर किए गए निवेश में धोखाधड़ी का खतरा बना रहता है। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि अधिक मुनाफे के लालच में लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश और चेतावनी समाज को सतर्क रहने का संदेश देते हैं।
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