Uttarakhand: विभागीय कार्यों में लापरवाही के चलते दो शिक्षक निलंबित, बोले जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, छात्रहित के प्रति उदासीनता नहीं बर्दाश्त

Spread the love

टिहरी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटी डोभालों की प्रधानाध्यापक जसपाल पुरषोडा एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय छाम के सहायक अध्यापक मीना देवी को विभागीय कार्यों में लापरवाही एवं उदासीनता तथा छात्रहित के प्रतिकूल आचरण करने पर निलम्बित किया गया।

7 नवम्बर, 2024 को एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) टिहरी को तुरन्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) टिहरी ने बताया कि उप शिक्षा अधिकारी विकासखण्ड थौलधार की आख्यानुसार रा.प्रा.वि. छाम (कार्योजित विद्यालय कोटी डोभालों की) के स.अ. मीना देवी प्रधानाध्यापक के आकस्मिक अवकाश की जानकारी होने पर भी 6 नवम्बर 2024 को एक दिन के आकस्मिक अवकाश पर बिना अवकाश स्वीकृति के विद्यालय में अनुपस्थित रही, जिनके पास विद्यालय संचालन का प्रभार था।

रा.प्रा.वि. कोटी डोभालों की के प्रधानाध्यापक जसपाल पुरषोडा को मीना देवी के 6 नवम्बर, 2024 को विद्यालय में उपस्थित न होने की सूचना के बावजूद भी उनके द्वारा प्रभारी समन्वयक और उप शिक्षा अधिकारी थौलदार को सूचना नहीं दी गई। दोनों अध्यापकों के 6 नवम्बर 2024 को अवकाश पर जाने पर से विद्यालय में अध्ययनरत छात्र के चोटिल होने की घटना सामने आयी है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) टिहरी ने रा.प्रा.वि. कोटी डोभालों की के प्रधानाध्यापक जसपाल पुरषोडा एवं रा.प्रा.वि. छाम (कार्योजित विद्यालय कोटी डोभालों की) के स.अ. मीना देवी को विभागीय कार्यों में लापरवाही एवं उदासीनता तथा छात्रहित के प्रतिकूल आचरण करने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए दोनों अध्यापकों को उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय थौलधार में सम्बद्ध किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी गढ़वाल वी.के. ढौंडियाल ने जनपद के समस्त उप शिक्षा अधिकारियों को सूचित करते हुए कहा कि जनपद के विभिन्न विकासखण्डों के कतिपय विद्यालयों में शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह शिक्षकों की विभागीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता तथा छात्रहित के प्रतिकूल आचरण से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने सभी बीईओ को अपने-अपने विकासखण्ड के अन्तर्गत आने वाले विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार का कोई प्रकरण संज्ञान में आता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक/स.अ. के विरूद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित उप शिक्षा अधिकारी को होगा।

Exit mobile version