
Uttarakhand:
रुड़की। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के साथ ही प्रदेश सरकार के नए मंत्रिमंडल के गठन पर रुड़की के लोगों की निगाहें भी टिकी हैं। राज्य गठन के बाद से अभी तक रुड़की क्षेत्र को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इस बार रुड़की से भाजपा के विधायक प्रदीप बत्रा तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में जिले में मंत्रियों के बंटवारे को लेकर रुड़की के हिस्से में कुछ आ पाएगा या नहीं, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई है। अब मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा हो जाने के बाद यह उम्मीद जाग गई है कि तीसरी बार विधायक बने प्रदीप बत्रा को इस बार कैबिनेट में शामिल किया जा सकता हैl
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यह बात हम इसलिए भी करें क्योंकि प्रदेश में इस बार 5 विधायक पंजाबी समाज से आए हैं और विधायक प्रदीप बत्रा का मुख्यमंत्री धामी से भी नजदीकी संबंध हैl यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि इस बार विधायक प्रदीप बत्रा को कैबिनेट में शामिल किया जाता है या नहींl लेकिन विधानसभा क्षेत्र के लोग यह उम्मीद जरूर जता रहे है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधायक बत्रा को कैबिनेट में जरूर शामिल करेंग l बता दें कि राज्य गठन के बाद से अब तक वर्ष 2002 और 2007 में भाजपा के सुरेश चंद जैन विधायक रहे हैं। दूसरी बार विधायक बनने के बाद माना जा रहा था कि सुरेश चंद जैन को कैबिनेट में जिम्मेदारी मिलेगी, लेकिन हरिद्वार से मदन कौशिक के मंत्री बनने से रुड़की को यह सौभाग्य नहीं मिला। इसके बाद वर्ष 2012 में प्रदीप बत्रा कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने और बाद में भाजपा ज्वाइन की। इसके बाद प्रदीप बत्रा वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
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अब वे तीसरी बार विधायक बने हैं। बता दें कि हरिद्वार ग्रामीण के पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को धामी सरकार में मंत्री बनाया गया था लेकिन इस बार वे चुनाव नहीं जीत पाए हैं। ऐसे में कयासबाजी लगाई जा रही है कि हरिद्वार जिले में भाजपा के तीन विधायकों में से एक को कैबिनेट मंत्री और किसी एक को राज्यमंत्री का दर्जा मिल सकता है। हालांकि मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस विधानसभा क्षेत्र की झोली में कैबिनेट मंत्री का पद आएगा।