Roorkee: बीटी गंज रामलीला में सुग्रीव मिलन व लंका दहन तो कृष्णा नगर में सीता हरण व सुग्रीव मिलन की लीला का हुआ भव्य मंचन

रुड़की। बीटी गंज में आयोजित 106-वीं भव्य रामलीला महोत्सव के नौवें दिन की लीला का मंचन बहुत ही सुंदर ढंग से कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रभु राम सीता माता जी की खोज करते-करते शबरी की कुटिया में पहुंचते हैं, वहां से प्रभु श्री राम स्कंधा पर्वत पर आते हैं, जहां हनुमान जी की मध्यस्थता से सुग्रीव से भेंट होती है। सुग्रीव जी को प्रभु उसके भाई बाली के अत्याचारों से बचाते हुए उसका वध कर देते हैं तथा सुग्रीव को स्कंधा का राज दिलवाते हैं।

हनुमान जी भी सीता की खोज करते हुए समुद्र पार लंका में पहुंचते हैं, जहां सीता माता से भेंट होती है, वहां अशोक वाटिका के फल खाते हैं और अक्षय कुमार का वध कर देते हैं, इस बीच मेघनाथ द्वारा ब्रह्माबांस में हनुमान जी को बांधकर रावण के सामने प्रस्तुत किया जाता है। रावण अपने अहंकार वंश हनुमान जी की मति नहीं लेते हुए उन पर क्रोधित होते हुए रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगवा देते हैं। इस जली हुई पूंछ से हनुमान जी पूरी लंका को जला देते हैं। यह लीला बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत की गई। अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रभु श्री राम हमारी आस्था और जीवन संस्कृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।उनके आदर्श सनातन संस्कृति को हजारों वर्षों से जीवित रखे हुए हैं।

इस अवसर पर मेयर अनीता देवी अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी धीर सिंह, सतीश कौशिक, प्रमोद चौधरी, ललित मोहन अग्रवाल, प्रमोद गोयल, भाजपा जिला महामंत्री सागर गोयल,गगन आहूजा, पार्षद जेपी शर्मा, चंद्र प्रकाश बाटा, डॉ.नवनीत शर्मा,रमेश जोशी,अनुराग त्यागी हनीश शर्मा, समिति के महामंत्री सौरभ सिंघल, मनोज अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, विशाल गुप्ता,नवनीत गर्ग,प्रदीप परूथी, दीपक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे, इस दौरान समिति के पदाधिकारियों द्वारा अतिथिगण का सम्मान किया गया।
वही श्री रामलीला समिति (रजि.) श्रीराम पार्क, कृष्णा नगर, रुड़की के तत्वावधान में चल रहे पंचम महोत्सव के 11वें दिन का भव्य मंचन आज अभूतपूर्व रहा। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत दर्शकों की अपार भीड़ ने मंचन को ऐतिहासिक बना दिया।
आज की संध्या में रामायण के दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। सीता हरण प्रसंग – मायामृग के बहाने रावण द्वारा माता सीता का हरण, माता सीता की करुण पुकार, और जटायु का अद्वितीय बलिदान इतना प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया कि वातावरण में गहन भावुकता छा गई। दर्शकगण साक्षात् त्रेता युग के उस दृश्य को सजीव होता देख मंत्रमुग्ध हो उठे। सुग्रीव मिलन प्रसंग – इसके उपरांत भगवान श्रीराम और वानरराज सुग्रीव के मिलन का दृश्य मंचित हुआ। मित्रता, सहयोग और धर्म की विजय का यह संदेश जब मंच से गूँजा तो समूचा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोषों से गूंज उठा।

भगवान श्रीराम का सुग्रीव को संबल देना और बाली-वध का संकल्प दर्शकों में अपार जोश और प्रेरणा का संचार कर गया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय शोभाराम प्रजापति जी राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार, ध्रुव गुप्ता, जिला कार्यकारिणी सदस्य, भारतीय जनता युवा मोर्चा, रुड़की,सिटी कॉलेज रूड़की से दीपक वर्मा, ईस्ट लाइट स्कूल से प्रदीप वर्मा उपस्थित हुए। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है। सीता हरण हमें सतर्कता और मर्यादा का संदेश देता है जबकि सुग्रीव मिलन हमें मित्रता और धर्म की रक्षा का पाठ सिखाता है। कार्यक्रम का सफल संचालन महामंत्री ऋषिपाल सैनी ने बड़े ही कुशलतापूर्वक किया। उनके जोशीले शब्दों ने मंचन के उत्साह को और बढ़ा दिया।

समिति के पदाधिकारीगण अध्यक्ष बृजमोहन सैनी, महामंत्री ऋषिपाल सैनी, अमित गर्ग कोषाध्यक्ष राजीव कपिल, आशीष सैनी समिति सदस्य : पंकज, अजय, अमरीश एवं अन्य सभी समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे । मंचन में नगर के गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने निरंतर तालियों और जयघोष से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। समिति ने सभी उपस्थित महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामलीला महोत्सव केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन की शिक्षा देने का माध्यम है।





