
गंगाऊ शिविर में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी का किया भव्य स्वागत
शिविर में 205 को मिला लाभ
पौड़ी। दूरस्थ क्षेत्रों के भ्रमण के तीसरे दिन जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया बुधवार को विकासखंड थलीसैंण के राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं पहुँचीं। जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित न्याय पंचायत पित्रसैंण बहुउद्देश्यीय शिविर में उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और समाधान की दिशा तय की। शिविर स्थल पर पहुँचते ही ग्रामीणों द्वारा फूल-मालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे क्षेत्र में प्रशासन की मौजूदगी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
शिविर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं की जानकारी केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप में पहुँचे। बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ केक काटा, उन्हें स्नेहपूर्वक केक खिलाया तथा कविता देवी को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराते हुए उन्होंने सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता का संदेश भी दिया।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान फाइलों में नहीं, बल्कि मौके पर दिखना चाहिए। इसी क्रम में जसपुर–चौखाल, धांधणखेत–ग्वारी तथा हस्यूड़ी–धांधणखेत मोटर मार्गों के आपदा से क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर 31 जनवरी से कार्य आरंभ करने की समयसीमा तय की गई। रौतापानी क्षेत्र में पंपिंग से जुड़ी समस्या पर जल निगम को त्वरित समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई, साथ ही सभी पेयजल योजनाओं में पानी खोलने-बंद करने का समय स्पष्ट रूप से तय करने जिलाधिकारी द्वारा पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं का नाम शहीद स्व. राजे सिंह बंगारी के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को पुनः शासन स्तर पर भेजने को कहा। साथ ही धांधणखेत–द्वारी मार्ग पर टूटे पुश्तों के मामले में पीएमजीएसवाई के माध्यम से शीघ्र कार्य शुरू कराने की पहल की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छोटे लेकिन जरूरी कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तुरंत धरातल पर उतारा जाए।
जिलाधिकारी ने नेटवर्क समस्या को लेकर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने तथा भीड़ा बाजार से पित्रसैंण झूला पुल तक पैदल मार्ग की मरम्मत का काम शीघ्र शुरू कराने जैसे विषयों पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। नगर पंचायत थलीसैंण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने तथा कृषि घेरबाड़ से जुड़ी शिकायतों का स्थल निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
गंगाऊं मिनी स्टेडियम तक संपर्क मार्ग, गंगाऊं-भीड़ा बाजार में पेयजल स्रोत की सफाई, चौरीखाल बाईपास मार्ग की स्थिति, आर्य समाज भवन की मरम्मत, पनाऊ पेयजल योजना तथा जखोला आंगनबाड़ी भवन के भुगतान जैसे मुद्दों पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही और ग्रामीणों से कहा कि यदि तय अवधि में कार्य न हो तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा 20 जनवरी को थलीसैंण में विशेष कैंप लगाकर बीर चंद्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजनाओं में आवेदन कराने, पेट्रोल पंप की मांग पर प्रस्ताव भेजने, निर्माण मलबे के लिए डंपिंग ज़ोन चिन्हित करने तथा बकरी पालकों को तत्काल लाभ दिलाने जैसे विषयों पर भी प्रशासनिक पहल तय की गई। साथ ही थलीसैंण स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजी एवं विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सीएमओ को नजदीकी केंद्र से साप्ताहिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
शिविर में बाल विकास, समाज कल्याण, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक-यूनानी, कृषि, उद्यान, एनआरएलएम, रीप सहित कुल 23 विभागों के स्टॉल लगे, जहाँ ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ 205 लोगों को मौके पर ही लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में कुल 610 लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख मनवर सिंह, कनिष्ठ प्रमुख राज शेखर रावत, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षाधिकारी नागेंद्र बर्तवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेन्द्र पांडे, खंड विकास अधिकारी टीकाराम सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।