Uttarakhand: सीएम धामी के नेतृत्व में पारदर्शी खनन व्यवस्था की मिसाल: निदेशक राजपाल लेघा को मिलेगा ‘इंडियाज़ ऑनेस्ट इंडिपेंडेंस ऑनर’, उद्योगपति हरिश मुंजाल ने की सराहना

नई खनन नीति और ई-ऑक्शन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और लाखों लोगों को मिला रोजगार
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों को लेकर किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव विभिन्न विभागों में दिखाई दे रहा है। खासकर खनन विभाग में पिछले कुछ समय से व्यवस्था सुधार, पारदर्शी नीतियों और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के कारण व्यापक सराहना हो रही है।
इसी क्रम में उत्तराखंड के खनन निदेशक राजपाल लेघा को उनके ईमानदार और प्रभावी प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठित ‘इंडियाज़ ऑनेस्ट इंडिपेंडेंस ऑनर’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान खनन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, अवैध खनन पर नियंत्रण करने और नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने में उनके योगदान को देखते हुए दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी की स्पष्ट नीति और प्रशासनिक दृढ़ता के कारण प्रदेश में खनन व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा खनन गतिविधियों को नियंत्रित और नियमित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे सरकार के राजस्व में भी वृद्धि देखने को मिली है। इसी विषय पर उद्योगपति हरिश मुंजाल ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खनन निदेशक राजपाल लेघा के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा मिला है। हरिश मुंजाल ने बताया कि सरकार द्वारा बनाई गई नई खनन नीति से व्यवस्था में काफी सरलीकरण आया है और अब खनन पट्टों की नीलामी पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाती है। इससे खनन क्षेत्र में निष्पक्षता और व्यवस्था दोनों मजबूत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों के मन में खनन क्षेत्र को लेकर कई तरह की धारणाएँ थीं। उन्हें भी लगता था कि खनन क्षेत्र में गुंडागर्दी और दबाव का माहौल रहता होगा, इसलिए वे इस क्षेत्र से दूर ही रहते थे। लेकिन समय के साथ लोगों और अधिकारियों से जानकारी मिली कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब खनन क्षेत्र में खनन माफियाओं का नहीं बल्कि खनन व्यवसाय करने वाले लोगों का वातावरण बन रहा है।
इसी विश्वास के साथ उन्होंने भी खनन क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया। काम शुरू करने के बाद उन्हें कहीं भी किसी प्रकार की गुंडागर्दी या अव्यवस्था देखने को नहीं मिली, बल्कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है। हरिश मुंजाल ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई प्रभावी खनन नीति के कारण प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं।
इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़े हैं और उन्हें आजीविका का साधन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में इसी प्रकार पारदर्शी नीतियों और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से विकास की गति आगे भी लगातार बढ़ती रहेगी।





