
दिल की बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुकी हैं। अनियमित दिनचर्या, तनाव और गलत खान-पान के साथ-साथ धूम्रपान की आदत लोगों के हृदय को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीड़ी-सिगरेट का सेवन न सिर्फ फेफड़ों बल्कि दिल और रक्त वाहिकाओं के लिए भी बेहद खतरनाक साबित होता है। लगातार धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।
धूम्रपान बना दिल का सबसे बड़ा दुश्मन
विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में तेजी से बढ़ रही स्मोकिंग की आदत चिंता का विषय बनती जा रही है। तंबाकू और सिगरेट में मौजूद निकोटिन व कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे जहरीले तत्व शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान की हर कश दिल की धड़कनों पर अतिरिक्त दबाव डालती है और रक्त संचार प्रणाली को कमजोर करती है।
डॉक्टर बताते हैं कि निकोटिन शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है, जिससे हार्ट रेट तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। वहीं सिगरेट के धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है। इससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और हृदय की कोशिकाएं प्रभावित होने लगती हैं।
रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है गंभीर असर
धूम्रपान का असर सिर्फ दिल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सिगरेट में मौजूद रसायन ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत को कमजोर कर देते हैं, जिससे उनमें कठोरता आने लगती है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती है।
लगातार स्मोकिंग करने वालों में खून के थक्के बनने का खतरा भी बढ़ जाता है। ये थक्के रक्त प्रवाह को बाधित कर अचानक हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं।
शरीर को कई दूसरी बीमारियों का भी खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक है। इससे फेफड़ों का कैंसर, सीओपीडी, स्ट्रोक और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर संक्रमण की आशंका भी बढ़ाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते धूम्रपान की आदत छोड़ना बेहद जरूरी है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और तंबाकू से दूरी बनाकर दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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