
अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।
मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।
इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।