
‘उत्तराखण्ड की राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली विरासत पर गर्व’
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दी हैं। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों, वीर-वीरांगनाओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की प्रगति में निरंतर योगदान दे रही उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का भी आभार व्यक्त किया है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड को अपनी सैन्य परंपरा, वीरता और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली विरासत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना और वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों के विकास को गति दी जा रही है। उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की शुरुआत की गई है। प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट मिशन के साथ-साथ सगंध कृषि को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। प्रदेश में धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाए गए कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जनभावनाओं के अनुरूप प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है इसी का परिणाम है कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 34 हजार से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की गई है। नई शिक्षा नीति को लागू करने में भी उत्तराखण्ड अग्रणी राज्यों में शामिल है। हाल ही में उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है, जो देश में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान देश में पर्यटन एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के साथ-साथ फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से स्थापित हुई है। राज्य सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन एवं व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 47 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं, जबकि प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में लगभग 5 करोड़ शिव भक्त पवित्र गंगाजल लेकर सकुशल अपने गन्तव्य को लौटे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन के साथ ही प्रदेश में शीतकालीन यात्रा को भी प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के साथ ही सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में अबतक 03 लाख से अधिक लखपति दीदी बनायी जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश का कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे, यह हमारा संकल्प है। जन-सेवा सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और अन्त्योदय के मूल-मंत्र के साथ राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से उत्तराखण्ड को आदर्श, विकसित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने में सहयोगी बनने की भी मुख्यमंत्री ने अपील की है।