
नैनीताल। उत्तराखंड राज्य सरकार के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (E D I I) अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित राज्य सरकार की बहु आयामी एवं प्रतीक्षित योजना “देवभूमि उद्यमिता योजना” के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग जनपदन- नैनीताल(उत्तराखंड) के सभागार में आज एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम(one day Orientation Programme) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत एवं शुभारंभ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्या प्रो.(डॉ.) अंजली पुनेरा एवं कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक श्री भूपेंद्र सिंह मेहरा के साथ अन्य प्राध्यापकों की उपस्थिति में ज्ञानदायिनी माँ सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पांजलि के साथ प्रारम्भ हुआ। उसके बाद महाविद्यालय के नोडल अधिकारी देव भूमि उद्यमिता योजना डॉ.प्रवेश कुमार त्रिपाठी ने इस योजना एवं उद्यमिता के महत्व को स्पष्ट करते सभी छात्र/छात्राओं को जॉब सीकर न बनकर जॉब प्रोवाइडर बनने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही यह भी बताया कि महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं किस प्रकार से एक कुशल, योग्य, सफल एवं कुशल नागरिक के रूप में स्वयं को स्थापित करें इसके लिए महाविद्यालय सदैव तत्पर है।अपने प्रारंभिक उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्या ने कहा कि 21वीं सदी स्वादेशी एवं स्वरोजगार के साथ उद्यमिता से प्रभावी सदी है और इस युग में जब सरकारी सेवाओं में अवसर सीमित हैं तो ऐसे में एक उद्यमी बनकर अपने को सफल एवं कुशल नागरिक बनाना इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ सुनीता विष्ट ने अपने पूर्व का अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पूर्व में भी इस योजना से जुड़कर महाविद्यालय के अनेकों छात्र/छात्राओं ने अपने एवं भविष्य के लिए सफलता के नए नए रास्ते अपनाए हैं।
देवभूमि उद्यमिता योजना कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक श्री भूपेंद्र सिंह मेहरा ने अनेक मनोबल बढ़ाने वाले प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से, अपने अनुभवों के आधार पर, सरकार द्वारा इस योजना की सफलता, क्रियान्वयन एवं उत्तराखंड राज्य के युवाओं को किस तरह से यह योजना सहयोगी एवं भविष्य निर्माण में सहायक साबित होगी, इसका विस्तार से वर्णन किया।
कार्यक्रम नोडल एवं महाविद्यालय के जन सूचनाधिकारी डॉ.त्रिपाठी ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए यह बताया कि उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड राज्य के युवाओं को एक उद्यमी के रूप में कुशल एवं योग्य बनाना हो इस योजना एवं सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।इस कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में डॉ. आलोक पाण्डे, डॉ.निशा नारंग, डॉ.संत कुमार,डॉ. सुमन पांडेय, डॉ. प्रखर विष्ट एवं डॉ.तनुजा, श्रीमती कमला, श्री गोधन सिंह, श्री सुंदर कुमार एवं अधिकाधिक संख्या में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कला एवं विज्ञान संकाय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं ने प्रतिभागिता दर्ज कराई।