
मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की अहम बैठक
देहरादून। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। ऋषिपर्णा सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज विवरण में विसंगतियां पाए जाने अथवा आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर 5,47,617 लोगों को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 3,95,772 लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1,52,170 मामलों में सुनवाई जारी है।
मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए अब तक 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरण में संशोधन के लिए 10,718 लोगों ने प्रारूप-8 के तहत आवेदन किया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। बूथ स्तर पर होने वाली सुनवाई में संबंधित मतदाता और आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं को स्वेच्छा से किसी एक राज्य में अपना नाम रखने का विकल्प दिया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं को जानकारी देंगे और उनकी इच्छा के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चौहान ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों को संबंधित बूथ तक पहुंचाने में अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में झूठी या मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।