
तालिबान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
कुनार। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हवाई कार्रवाई की, जिसमें कुनार प्रांत में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, हमले में एक इमारत भी क्षतिग्रस्त हुई है।
कुनार में पाकिस्तानी हवाई हमला
अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से यह हवाई हमला कुनार प्रांत के नुरगल जिले में सुबह करीब तीन बजे किया गया। इसके अलावा पड़ोसी पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो हवाई हमलों की सूचना सामने आई है। पक्तिका में फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई का निशाना कथित आतंकी ठिकाने थे। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) समेत कुछ सशस्त्र समूह अफगानिस्तान की जमीन से उसके खिलाफ गतिविधियां संचालित करते हैं। हालांकि, काबुल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है।
पुलिस परिसर पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह हवाई कार्रवाई पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक पुलिस परिसर पर हुए घातक हमले के दो दिन बाद हुई है। कोहाट में हुए हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। हमले की जिम्मेदारी तत्काल किसी संगठन ने नहीं ली, लेकिन पाकिस्तान में टीटीपी पर संदेह जताया गया।
ताजा हवाई हमले ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को फिर बढ़ा दिया है। फरवरी में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई वर्षों का सबसे गंभीर सैन्य टकराव हुआ था।
तालिबान ने पाकिस्तान को दी थी चेतावनी
पाकिस्तान की संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस्लामाबाद को अफगानिस्तान की सीमा के भीतर हमला नहीं करने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि अगर अफगान क्षेत्र पर सैन्य कार्रवाई की गई तो काबुल अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाब देगा।
मुजाहिद ने पाकिस्तान के उन आरोपों को भी खारिज किया था, जिनमें कहा जाता है कि अफगानिस्तान में मौजूद चरमपंथी संगठन पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की तैयारी करते हैं और उन्हें प्रशिक्षण या समर्थन मिलता है।
टीटीपी को लेकर दोनों देशों में मतभेद
पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान प्रशासन पर टीटीपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाता रहा है। वहीं, तालिबान प्रशासन का कहना है कि वह अफगान जमीन को किसी दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल होने की अनुमति नहीं देता। काबुल ने पाकिस्तान में होने वाली हिंसा को उसकी आंतरिक सुरक्षा समस्या बताया है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद सिर्फ टीटीपी तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच सीमा और सुरक्षा को लेकर भी लंबे समय से मतभेद रहे हैं। हालिया हवाई हमलों के साथ सीमा क्षेत्र में भी गोलीबारी की खबरें सामने आई हैं।
बातचीत का रास्ता अभी खुला
सैन्य कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनियों के बावजूद अफगान पक्ष ने बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए संवाद और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे उपायों पर चर्चा की जरूरत बताई गई है।
इस बीच पाकिस्तान की ताजा कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। क्षेत्रीय स्तर पर चीन, कतर और तुर्किये समेत कई पक्ष पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत और तनाव कम करने की कोशिशों में शामिल रहे हैं।