
नौगांवखाल में सीएसडी कैंटीन का शुभारंभ, शहीद सैनिकों के परिजनों एवं गौरव सेनानियों को किया सम्मानित
पौड़ी- प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने सोमवार को विकासखंड एकेश्वर के नौगांवखाल में सीएसडी कैंटीन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद सैनिकों के परिजनों, वीर नारियों, वयोवृद्ध गौरव सेनानी तथा सैनिक कल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाले पूर्व सैनिक को सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भारतीय सेना राष्ट्र के गौरव, अनुशासन, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। देश की सीमाओं की रक्षा में सैनिकों का योगदान अतुलनीय है। पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने अनुभव और अनुशासन से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वीर नारियों और सैनिक परिवारों का त्याग भी राष्ट्रसेवा का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे में उनका सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नौगांवखाल में सीएसडी कैंटीन शुरू होने से क्षेत्र के पात्र सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अन्य अधिकृत लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक वस्तुएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उन्हें सुविधा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ स्थानों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कैंटीन संचालन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए इसके व्यवस्थित एवं पारदर्शी संचालन की अपेक्षा जतायी। उन्होंने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कोटद्वार में शहीद स्थल निर्माण की घोषणा की गयी थी। इसके लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वीर सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को सम्मान देने के लिए विभिन्न स्तरों पर स्मारक एवं स्मृति द्वारों का निर्माण कराया गया है। संस्कृति विभाग के अंतर्गत ग्राम सिंवाल में 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर शहीद द्वार, पिनानी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद सिंह स्मृति द्वार, ग्राम बघेली में बाबा मोहन सिंह उत्तराखण्डी स्मृति द्वार तथा ग्राम सीला में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बलवंत मियां की मूर्ति स्थापना का कार्य कराया गया है। उन्होंने बताया कि विकासखंड पोखड़ा के ग्राम सकनोली के शहीद मंदीप सिंह के सम्मान में देवराड़ी-चलकुडिया मोटर मार्ग का नाम शहीद मंदीप सिंह मोटर मार्ग रखा गया है। वहीं, ग्राम गिंवाली में शहीद सतवीर सिंह के स्मारक की मरम्मत के लिए विधायक निधि से 1.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न सैन्य अभियानों और युद्धों के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इनमें ग्राम बड़ेथ के राइफलमैन हरेन्द्र सिंह रावत के पिता पूर्व सैनिक मुकंद सिंह रावत, ग्राम हलाई तल्ली के सूबेदार धर्मवीर सिंह असवाल के साले संजय सिंह रावत, ग्राम ईड़ा मल्ला के नायक वीर सिंह के छोटे भाई किशोर सिंह नेगी, ग्राम जैंतोली के राइफलमैन विपिन कुमार के चाचा परमानंद चतुर्वेदी, ग्राम सालकोट के राइफलमैन देवेन्द्र कुमार पोखरियाल की बहन कुसुम देवी तथा ग्राम चमेली के राइफलमैन बलबीर सिंह के भाई राकेश सिंह शामिल रहे।
इसके अलावा ग्राम सासों के राइफलमैन आनंद सिंह के पुत्र सोहन सिंह, राइफलमैन प्रदीप सिंह की माता सूमा देवी, ग्राम मोलखाल के राइफलमैन दीपक रावत के छोटे भाई अनूप सिंह, ग्राम माल्ड के शहीद श्याम सिंह राणा के छोटे भाई भगवान सिंह राणा, ग्राम गिंवाली के सूबेदार राजे सिंह राणा के पुत्र विक्रम सिंह, ग्राम नौनी के सूबेदार श्याम सिंह नेगी की पत्नी संपत्ति देवी, राइफलमैन राजे सिंह की पत्नी बच्ची देवी तथा ग्राम गिंवाली के राइफलमैन सतवीर सिंह की पत्नी शकुन्तला देवी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 92 वर्षीय वयोवृद्ध गौरव सेनानी महिपाल सिंह नेगी तथा गौरव सेनानी संगठन के संस्थापक सदस्य पूर्व सैनिक आलम सिंह रावत को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, सैनिक कल्याण अधिकारी लैंसडाउन ग्रुप कैप्टन एस पी सती (सेनि), स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. राणा, गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर वी.एस. नेगी, गौरव सेनानी संगठन चौंदकोट-चौबट्टाखाल के अध्यक्ष चंद्र सिंह कैंतुरा, कर्नल मनोज उनियाल, सीमा सजवाण, गौरव सेनानी एसोसिएशन के रामेश्वर राणा, भगवती प्रसाद चमोला, संजय मंमगाई, राकेश कुमार गौड़, किशोर कैंथोला, संजय बमोला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र सिंह रावत ने किया।