बसपाइयों को जनपद में खाता खुलने की आस

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रुड़की। विधानसभा चुनाव के नतीजे किया होंगे ये तो दस मार्च को साफ होगें।लेकिन इस बार हुए मतदान के बाद बसपाइयों को जिले में बसपा का खा ता खुलने की आस है। जिले की कई सीटों पर बसपा सीधी फाइट में दिखाई दे रही है।यही वजह है कि कि इस बार बसपा का सूखा खत्म हो सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से बसपा के लिए सबसे मुफीद हरिद्वार जनपद है। पार्टी के लिए हरिद्वार जनपद चुनावी लिहाज से गढ़ रहा है। यहां से जिला पंचायत के चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव में पार्टी ने चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। राज्य में पहली बार 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद की नौ सीटों में पांच पर बसपा ने कब्जा किया था। 2007 में एक सीट पर और बढ़ोत्तरी करते हुए छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2012 के चुुनाव में हरिद्वार में 11 सीटों में से महज तीन सीटों पर ही सिमट गई थी। 2017 में पार्टी हरिद्वार में एक भी सीट पर जीत का स्वाद नहीं चख पाई। लेकिन इस बार बसपाइयों को खासा उम्मीद है।बताया गया है कि बसपा इस बार मंगलौर, खानपुर, भगवानपुर, लक्सर विधानसभा सीटों पर सीधे मुकाबले में दिखाई दे रही है जबकि झबरेड़ा, ज्वालापुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले में है। बसपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इस चुनाव में पार्टी लाभ की स्थिति है।जिले की जिस तरह बसपा सीधी फाइट में नजर आयी उससे बसपाइयों के हौंसले में पिछले चुनाव के मुकाबले बुलन्द नजर आ रहे है।मिल रहे रुझानों पर नजर दौड़ाए तो इस बार बसपा का सूखा खत्म हो सकता है।बसपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शीशपाल का कहना है कि पार्टी को सात से आठ विधानसभा सीटों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।उनका कहना है कि इस बार जनता ने बसपा पर विश्वास जताया है और बसपा किंगमेकर की भूमिका में आएगी।

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