दलित मुस्लिम वोटरों के बिखराव पर टिका हार जीत का गणित

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रुड़की। खानपुर विधानसभा में मतदान के बाद आए रुझान से हार-जीत का गणित साधने में प्रत्याशी और उनके समर्थक जुटे हैं। मतदान के दौरान मुस्लिम व दलित मतों में बिखराव का दावा सभी कर रहे हैं, लेकिन इनमें किसको कितना इसी पर हार-जीत का समीकरण टिका है। प्रत्याशी और उनके समर्थक इसका आंकलन कर रहे हैं। मुस्लिमों व दलितों के मन की थाह लेने की कोशिश हो रही है। फिलहाल समीकरण उलझे हुए हैं और प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। 
मतदान के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है, लेकिन इस बार मतदान के बाद भी मुस्लिमो व दलितों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। खानपुर सीट पर करीब 40 हजार मुस्लिम व लगभग 25 हजार दलित मतदाता हैं। जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करते आए हैं। इस बार के मतदान में मुस्लिम व दलित बाहुल्य प्रमुख बूथों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह सामने आया कि इन चुनावों में दलितों व मुस्लिमों ने जमकर मतदान किया। ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक मुस्लिमों व दलितों के मन की टोह लेने का प्रयास करते दिख रहे हैं। मुस्लिमों व दलितों का बिखराव ही हार जीत का फैसला करेगा।इसका किसको लाभ और किसको नुकसान होगा ये आने वाला समय ही बताएगा।  वही चुनावी चर्चाओं में ये बात सामने आ रही है कि खानपुर सीट पर मुस्लिम व दलित वोट बटे है।वह किसी एक पार्टी या प्रत्याशी को नही गये।लेकिन किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले है।इस पर कयासबाजी लगाई जा रही है।ये आंकड़े दस मार्च को मतगणना के दिन सामने आएंगे।

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