
Tips for AC in monsoon: मानसून पूरे देश में चरम पर है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानों तक भारी बारिश हो रही है, जिससे उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी में एसी चलाने के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि एसी की क्षति का खतरा भी कम होगा। हम आपको मानसून के मौसम के लिए एसी के सही मोड के बारे में जानकारी देंगे। इससे न केवल आपका एसी सुरक्षित रहेगा, बल्कि बिजली का बिल भी कम होगा।
मानसून में कौन सा मोड सही है?
एसी के साथ आपको एक मल्टी-फंक्शन रिमोट मिलता है, जिसमें विभिन्न मोड होते हैं। कूल मोड आमतौर पर गर्मी के मौसम में उपयोग किया जाता है। इस मोड में एसी के कंप्रेसर पर अधिक दबाव डालता है, जिससे अधिक बिजली खर्च होती है। गर्मी में इस मोड के बिना एसी कमरे को ठीक से ठंडा नहीं कर पाता। हालांकि, अगर आप मानसून में इस मोड का उपयोग करेंगे, तो आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा और बिजली का बिल भी बढ़ जाएगा।
एसी कंपनियों और विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के मौसम में ‘ड्राई’ या ‘डिह्यूमिडिफाइड मोड’ का उपयोग करना चाहिए। इसका मुख्य कारण यह है कि मानसून के मौसम में वातावरण में काफी नमी होती है। अन्य मोड में नमी समाप्त नहीं होती। ड्राई मोड में वातावरण की नमी समाप्त होती है और कंप्रेसर कम ऊर्जा का उपयोग करता है, जिससे बिजली का बिल कम होता है।
अन्य मोड में एसी वातावरण की नमी को कम नहीं कर पाता और कमरे को सही तरीके से ठंडा नहीं कर पाता। यही कारण है कि मानसून के मौसम में एसी को ड्राई या डिह्यूमिडिफाइड मोड में चलाना चाहिए।