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Anupam Kher’s anger: कोलकाता रेप केस पर सख्त सजा की मांग, सार्वजनिक जगह पर मौत की सजा की अपील

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Anupam Kher’s anger: कोलकाता में हुई रेप-मर्डर की घटना ने बॉलीवुड में हंगामा मचा दिया है। इस मुद्दे पर लगातार प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। अब अभिनेता अणुपम खेर ने इस मामले पर एक लंबा वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया है। इस वीडियो में अभिनेता इस घटना से अत्यंत आहत और निराश नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने वीडियो में इस दुख और नाराजगी को व्यक्त किया और लोगों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर आवाज उठाएँ ताकि कोलकाता की पीड़िता को न्याय मिल सके।

Anupam Kher's anger: कोलकाता रेप केस पर सख्त सजा की मांग, सार्वजनिक जगह पर मौत की सजा की अपील

वीडियो में अणुपम खेर की प्रतिक्रिया

अणुपम खेर ने वीडियो में कहा, “जबसे कोलकाता में उस डॉक्टर के साथ यह अमानवीय अपराध हुआ, मेरी आत्मा सिहर उठती है। हर सुबह उठकर मैं कुछ कहने की कोशिश करता हूँ, लेकिन शब्द कम पड़ जाते हैं। इतनी पीड़ा, इतना गुस्सा, मानवता का इतना गिरा हुआ स्तर… फिर भी शब्द ढूंढने में असमर्थ हूँ। मैंने सुना है कि उस रात उसके साथ क्या हुआ। उसके माता-पिता की एकलौती बेटी, जो एक मध्यम वर्गीय परिवार से थी, और जिसे उन्होंने डॉक्टर बना दिया, उन राक्षसों ने उसके साथ जो किया, वह राक्षसों से भी बुरा है।”

मौत की सजा की मांग

अणुपम खेर ने आगे कहा, “निर्भया कांड के समय भी हमने देखा था कि रेप कितना गंदा हो सकता है, हत्या कितनी घिनौनी हो सकती है। इसके बाद सभी की संवेदनाएँ जागृत होती हैं, लेकिन यह किसी महिला के साथ, खासकर उसके अपने कार्यस्थल पर हुआ है। इस पर सजा बहुत कठोर और सार्वजनिक जगह पर होनी चाहिए… ऐसा प्रक्रिया से गुजरने के दौरान लोग बैठेंगे, फिर चर्चा होगी, और यह 10-20 साल लगेगा। आज ही, सभी अपराधियों को सजा दी जानी चाहिए और केवल एक सजा होनी चाहिए, वह है मौत की सजा।”

अणुपम खेर की अपील

अणुपम खेर ने कहा, “हम आगे बढ़ेंगे, हम किसी और मुद्दे पर आवाज उठाएँगे, हम मुद्दे खोजते हैं, और यह भी सही है कि सामूहिक गुस्सा दिखाना आवश्यक है। लेकिन उन माता-पिता का क्या होगा जिन्होंने सोचा कि हमने उसे पढ़ाया और अब वह डॉक्टर बन गई… उनका सपना पूरा हुआ। वह रात को 11 बजे अपने माता-पिता को फोन कर रही थी और उन्हें सोने के लिए कह रही थी। उनके भविष्य के जीवन का क्या होगा? इसलिए, यह हर नागरिक का कर्तव्य है, चाहे आपकी बेटी हो, आपकी बहन हो, आपकी पत्नी हो, या कोई महिला हो। चाहे आप किसी भी क्षेत्र में काम करते हों, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, आपको अपनी आवाज उठानी चाहिए। आत्मा कांपती है… मैं सोचता हूँ कि मैं एक ऐसे दुनिया में रहूँ जहाँ सब कुछ अच्छा हो, लेकिन आत्मा को कितना दुख होता है, मेरी आत्मा दुखी है, आपकी आत्मा भी दुखी होनी चाहिए, लेकिन बहुत जरूरी है कि आप अपनी आवाज उठाएँ।”

Manoj kumar

Editor-in-chief

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