Uttarakhand weather: देहरादून समेत चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, अलकनंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है

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Uttarakhand weather: आज राज्य के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी कई दौर की भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है

देवप्रयाग में गंगा नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। अलकनंदा नदी का जलस्तर सुबह से पांच मीटर बढ़ गया है। देवप्रयाग में नमामि गंगे द्वारा निर्मित श्रद्धा भवन, फूलाड़ी घाट और टोडेश्वर घाट नदी में डूब गए हैं। श्रीनगर में भी अलकनंदा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर है। यहां के घाट भी जलमग्न हो गए हैं।

राज्य में सबसे अधिक बारिश बागेश्वर और चमोली में

अगस्त की शुरुआत से राज्य के कुछ जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। स्थिति यह है कि गढ़वाल मंडल में चमोली और देहरादून जिलों में अब तक सबसे अधिक बारिश हुई है। जबकि कुमाऊं मंडल के बागेश्वर में सामान्य से अधिक बारिश के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

आंकड़ों की बात करें तो चमोली जिले में 360.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश का 83 प्रतिशत है। जबकि देहरादून जिले में अगस्त के 22 दिनों में कुल 483 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश से 25 प्रतिशत अधिक है।

गढ़वाल के बाकी जिलों में सामान्य बारिश हुई है। यदि पूरे राज्य की बात करें तो कुमाऊं के बागेश्वर जिले में सबसे अधिक बारिश हुई है, यहां 721.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश के आंकड़े से 279 प्रतिशत अधिक है। सबसे कम बारिश की बात करें तो पौड़ी जिले में सबसे कम 189.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश से 47 प्रतिशत कम है। कुमाऊं के चंपावत जिले में भी कम बारिश हुई है, यहां गुरुवार तक केवल 184.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश से 38 प्रतिशत कम है। वहीं, राज्य भर में 22 अगस्त तक 325 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश से केवल नौ प्रतिशत अधिक है।

कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश बढ़ाएगी मुश्किलें

मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में कुछ पहाड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन हो सकता है और नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में दिन और रात के समय बारिश के दौरान सतर्क रहें। विशेषकर चारधाम यात्रा कर रहे तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके लिए मौसम विभाग द्वारा सलाह दी गई है।

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