
Uttarakhand: उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में प्रधान के 692 पदों पर 29 सितंबर को प्रस्तावित सीधी भर्ती अब स्थगित हो सकती है। इस भर्ती में 55 वर्ष तक के शिक्षकों को शामिल किए जाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही, 5400 ग्रेड पे वाले एलटी शिक्षकों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के सचिवों और शिक्षक संगठनों के साथ एक बैठक हुई, जिसमें भर्ती के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की चर्चा
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कैंप कार्यालय में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रधान के सभी खाली पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। बैठक में बताया गया कि कुछ शिक्षकों ने प्रधान के पद पर भर्ती में 50 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों को शामिल किए जाने के खिलाफ कोर्ट का रुख अपनाया था। कोर्ट के आदेश के बाद उन शिक्षकों को भर्ती में शामिल किया गया है। अब अन्य 55 वर्ष तक के शिक्षकों को भर्ती में शामिल करने और गैर-बी.एड. शिक्षकों को भी शामिल करने के लिए एक रास्ता तलाशा जा रहा है।
मंत्री ने दिए समाधान के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को अगले दो से तीन दिनों के भीतर समाधान खोजने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, सरकारी शिक्षक संघ का कहना है कि शिक्षक आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक भर्ती को रद्द या स्थगित नहीं किया जाता। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त आनंद बर्धन, शिक्षा सचिव रविनाथ रमण, सचिव वित्त दिलीप जवालकर, अतिरिक्त सचिव ललित मोहन रायाल, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, सरकारी शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महासचिव रमेश पैनुली, मंडल अध्यक्ष श्याम सिंह, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सजवान आदि उपस्थित थे।
भर्ती स्थगित होने की संभावना
भर्ती प्रक्रिया में आ रही समस्याओं के कारण अब यह संभावना जताई जा रही है कि 29 सितंबर को प्रस्तावित प्रधान के पदों पर भर्ती स्थगित की जा सकती है। इस भर्ती में शामिल होने के लिए शिक्षकों की उम्र और शैक्षिक योग्यताओं पर पुनर्विचार किया जा रहा है। यह निर्णय शिक्षकों के हित में और राज्य की भलाई के लिए लिया जाएगा।
भर्ती को लेकर शिक्षकों की चिंताएँ
सरकारी शिक्षक संघ ने भर्ती के संबंध में अपनी चिंताओं को सार्वजनिक किया है। संघ का कहना है कि भर्ती की प्रक्रिया को स्थगित करने या रद्द करने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों का मानना है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया उनके हितों के खिलाफ है और इसमें सुधार की आवश्यकता है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे समस्या का समाधान निकालें और भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और सभी योग्य शिक्षकों को मौके मिल सकें।
भविष्य की राह
भर्ती में आए बदलावों और विवादों के बीच, शिक्षा विभाग और राज्य सरकार को एक सटीक और पारदर्शी योजना तैयार करनी होगी। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी संबंधित पक्षों की चिंताओं का समाधान हो और भर्ती प्रक्रिया को बिना किसी विवाद के पूरा किया जा सके।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में प्रधान के पद पर सीधी भर्ती में आई समस्याओं और विवादों के चलते अब यह संभावना बन रही है कि 29 सितंबर को प्रस्तावित भर्ती स्थगित हो सकती है। इस संदर्भ में राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि शिक्षकों की चिंताओं को दूर किया जा सके और भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।