Uttarakhand: ऋषिकेश में 11 हत्याओं के आरोपी की गिरफ्तारी, उत्तराखंड STF और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

Uttarakhand: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बिहार और झारखंड में 11 हत्याओं के आरोपी, जिनकी गिरफ्तारी पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था, को ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पिछले दो वर्षों से बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती रही थी। आरोपी रंजीत चौधरी को लक्ष्मणझूला क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जहां वह अपने परिवार के साथ एक होटल में रह रहा था।
गिरफ्तारी की जानकारी
नवनियुक्त उत्तराखंड STF के SSP नवनीत भुल्लर ने बताया कि बिहार STF की जानकारी पर रंजीत चौधरी, जो बिहार के उदवंत नगर थाना क्षेत्र के बेलापुर का निवासी है, को गिरफ्तार किया गया। इस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ बिहार और झारखंड में 27 मामले दर्ज हैं, जिनमें 11 मामले हत्या के और 16 मामले डकैती, रंगदारी, अपहरण और हत्या के प्रयास के हैं।
रंजीत चौधरी ने दो साल पहले पटना के रानिया पुलिस स्टेशन के बाहर एक खनन व्यापारी की हत्या की थी। बिहार पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया था। गिरफ्तार करने के समय आरोपी अपने परिवार के साथ होटल में ठहरा हुआ था। STF ने लक्ष्मणझूला पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार किया।
हत्या और प्रतिशोध की कहानी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ वर्षों पहले उसके गांव में उसके भाई और पिता की हत्या कर दी गई थी। प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर, उसने अपने पिता और भाई की हत्या में शामिल लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद, उसने पैसे के लिए हत्या करने का सिलसिला शुरू किया और भोजपुर जिले तथा झारखंड में खनन शुरू कर दिया।
रंजीत चौधरी ने हत्या और अपहरण के साथ-साथ रंगदारी के लिए कई लोगों का अपहरण किया। उसने कई लोगों की हत्या की और कई लोगों को जान से मारने का प्रयास किया। उसके अपराधों की सूची में हत्या, रंगदारी, डकैती और अपहरण शामिल हैं।
STF की कार्रवाई
STF और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस कठिन और चुनौतीपूर्ण गिरफ्तारी को संभव बनाया। बिहार पुलिस ने रंजीत चौधरी की गिरफ्तारी के लिए कई प्रयास किए थे और अंततः उत्तराखंड STF की मदद से उसे पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी पुलिस विभाग की दृढ़ता और समर्पण को दर्शाती है।
समाज पर प्रभाव
रंजीत चौधरी की गिरफ्तारी से स्थानीय समुदाय में एक राहत की भावना है। उसके अपराधों ने लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया था। उसकी गिरफ्तारी से समाज को न्याय मिलने की उम्मीद है और यह अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है कि कानून की गिरफ्त से कोई भी नहीं बच सकता।
भविष्य की योजना
अब जब रंजीत चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है, आगे की प्रक्रिया में उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ गंभीर आरोपों पर सुनवाई की जाएगी। इस मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया की निगरानी करने के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में रंजीत चौधरी की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम है और यह पुलिस की मेहनत और दृढ़ता को दर्शाती है। यह गिरफ्तारी न केवल बिहार और झारखंड में अपराध की दुनिया को एक बड़ा झटका देती है, बल्कि समाज में न्याय की उम्मीद को भी बढ़ाती है। पुलिस की इस सफलता ने यह साबित किया है कि कानून के लंबे हाथों से कोई भी बच नहीं सकता और अपराधियों को किसी भी हाल में पकड़ा जाएगा।






