
रुड़की। राजपुताना स्थित ज्योतिष गुरुकुलम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आचार्य रमेश सेमवाल जी ने बताया कि आगामी 18 सितंबर से 24 सितंबर तक श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जाएगी। कथा से एक दिन कलश यात्रा निकली जाएगी।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि भागवत कथा का समय दोपहर दो बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। आचार्य सेमवाल जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्रह सितंबर से श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो रहे हैं, जिसमें भागवत कथा का विशेष महत्व है। भागवत कथा सुनने से पितरों को शांति मिलती है तथा श्राद्ध पक्ष में ब्रह्मपुराण के अनुसार यमराज की आज्ञा से पितृ सूक्ष्म रूप से पृथ्वी लोक पर आते हैं और स्वजन की ओर से किए गए श्राद्ध कर्म को ग्रहण करते हैं, इसलिए पितरों की आत्म शांति के लिए भागवत कथा सुननी चाहिए।उन्होंने बताया कि राष्ट्र कल्याण, विश्व कल्याण तथा मानव कल्याण के लिए कथा के समापन अवसर पर विशेष यज्ञ किया जाएगा, जिसमें ग्यारह ब्राह्मण प्रतिदिन पूजन करेंगे। नित प्रातः भगवान नारायण जी का अभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी इमरान देशभक्त भी मौजूद रहे।