Delhi: अरविंद केजरीवाल हुए बेघर, राघव चड्ढा ने केंद्र से मांगा आवास

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Delhi: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री की कुर्सी खोने के बाद अब अपनी आधिकारिक आवास करना होगा। इस स्थिति में, केजरीवाल को रहने के लिए एक नया स्थान ढूंढना होगा। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा का कहना है कि केजरीवाल के पास कोई घर नहीं है। इस स्थिति में, एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के रूप में, केंद्र सरकार को केजरीवाल को आवास देना चाहिए। राघव चड्ढा ने इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखने की भी बात की है।

राघव चड्ढा का बयान

राघव चड्ढा ने कहा, “जब मैंने सीएम अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा देखा, तो यह स्पष्ट है कि उन्हें इस पद की लालसा नहीं है। वह राजनीतिक गरिमा का ख्याल रखते हैं। उन्होंने नैतिकता के कारण इस्तीफा दिया।” चड्ढा ने यह भी कहा कि एक सामान्य दिल्ली पार्षद 5 साल में घर, कार और बँगला बना लेता है, लेकिन केजरीवाल, जो 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे, के पास खुद का कोई घर नहीं है।

केजरीवाल की स्थिति

राघव चड्ढा ने कहा, “हालांकि केजरीवाल के पास कोई घर नहीं है, लेकिन वह सभी सुविधाएं छोड़ देंगे। जब एक पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बनती है, तो उसे दो संसाधन मिलते हैं। पहला पार्टी कार्यालय है, जो हमें मिला है। दूसरा संसाधन यह है कि राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को एक सरकारी घर मिलता है। एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में, मैं अपने राष्ट्रीय समन्वयक के लिए घर की मांग करता हूं।”

मंत्रालय को पत्र लिखने का निर्णय

राघव चड्ढा ने कहा, “मैं केंद्रीय सरकार से मांग करूंगा कि हमारे राष्ट्रीय समन्वयक को बिना किसी देरी के आवास दिया जाए। दिल्ली में सभी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्षों को आवास मिला है। इस संबंध में, हम आज ही शहरी विकास मंत्रालय को पत्र लिख रहे हैं। जिस तरह पार्टी कार्यालय मिलने में देरी हुई, उसी तरह राष्ट्रपति को घर मिलने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।”

असलियत क्या है?

हालांकि राघव चड्ढा यह दावा कर रहे हैं कि केजरीवाल के पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं है, लेकिन वास्तविकता कुछ अलग है। अरविंद केजरीवाल के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल के पास गुड़गांव के सेक्टर 78 में एक फ्लैट है, जिसे उन्होंने 2010 में 61 लाख रुपये में खरीदा था। इसके अलावा, केजरीवाल के पास इंदिरापुरम, गाज़ियाबाद में 1998 में खरीदी गई 2400 वर्ग फुट की जमीन है, जिसकी कीमत 3.5 लाख रुपये है, और उनके नाम पर हरियाणा के सिवानी में 6750 वर्ग फुट की जमीन भी है।

राजनीति में धारणाएं और वास्तविकता

यह मामला यह दर्शाता है कि राजनीति में अक्सर बयानबाजी और वास्तविकता में बड़ा अंतर होता है। राघव चड्ढा का बयान एक ओर जहां केजरीवाल के लिए सहानुभूति पैदा करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर, उनके पास संपत्ति का कोई अभाव नहीं है। यह बात स्पष्ट करती है कि कैसे राजनीतिक बयानबाजी कभी-कभी वास्तविकता को छिपा सकती है।

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