Dehradun: हरियाणा की शराब को उत्तराखंड का लेबल लगाकर बेचने वाला गिरोह गिरफ्तार

Dehradun: उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो हरियाणा की शराब को उत्तराखंड का मोनोग्राम और लेबल लगाकर बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से एक गोदाम और एक वाहन भी जब्त किया है, जिसमें बड़ी मात्रा में हरियाणा की शराब बरामद की गई है। सभी आरोपी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह के अनुसार, यह कार्रवाई नेहरू कॉलोनी पुलिस थाने के क्षेत्र में की गई। नेहरू कॉलोनी के थाना अधिकारी मोहन सिंह की टीम ने एक उपयोगिता वाहन को जब्त किया, जिसमें 15 बॉक्स शराब लदी हुई थी। जब पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की, तो पता चला कि यह शराब साकेत कॉलोनी के एक घर में ले जाई जा रही थी। पुलिस ने जब उस घर पर छापा मारा, तो वहां दो युवकों को हिरासत में लिया गया और मौके से 15 बॉक्स अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसके अलावा, उत्तराखंड के एक्साइज मोनोग्राम, शराब के स्टिकर और अन्य सामग्री भी बरामद की गई।
आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान की है। इनमें फैम, निवासी बुद्धी, थाना मंडावली, अहमद, निवासी टिप, थाना मंडावर और मोसिन, निवासी नया गांव, थाना मंडावली, बिजनौर शामिल हैं। ये आरोपी सस्ती शराब यहां लाते थे और उसे उत्तराखंड के स्टिकर लगाकर बेचते थे। इस तरीके से उन्हें काफी मुनाफा हो रहा था। पुलिस उनके अन्य साथियों की तलाश भी कर रही है, जिसमें से एक व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहा।
शराब की तस्करी का तरीका
बरामद की गई शराब में हरियाणा के अलावा कुछ शराब चंडीगढ़ से भी थी। आरोपियों ने बताया कि वे एक युवक साहिल के लिए काम करते हैं, जो हरियाणा और चंडीगढ़ से शराब की तस्करी करता है। इसके बाद, इसे उत्तराखंड के रूप में दिखाकर देहरादून और आसपास के जिलों में आपूर्ति की जाती थी।
लेबल हटाने की प्र$क्रिया
आरोपियों के कब्जे से कई उपकरण बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग वे शराब की बोतलों से स्टिकर और मोनोग्राम हटाने के लिए करते थे। ये आरोपी एक हीटिंग मशीन का उपयोग करते थे, जिससे शराब की बोतलों से स्टिकर पूरी तरह से हटा दिए जाते थे। इसके बाद, उन पर ‘For Sale in Uttarakhand Only’ लिखा एक नया लेबल चिपकाया जाता था, ताकि यह प्रतीत हो कि शराब उत्तराखंड की है।
स्थानीय प्रशासन की सतर्कता
इस मामले में देहरादून के DM और कमिश्नर भी सक्रिय रहे हैं। हाल ही में, जब वे शराब की दुकानों की जांच कर रहे थे, तब इसी दौरान ये अवैध गतिविधियां चल रही थीं। इसके चलते स्थानीय प्रशासन ने शराब की दुकानों पर सख्ती से जांच करने का निर्णय लिया है, ताकि अवैध शराब व्यापार को रोका जा सके।
शराब तस्करी का बढ़ता मामला
उत्तराखंड में शराब तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अवैध शराब व्यापार न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह समाज के लिए भी खतरा है। ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है ताकि समाज को सुरक्षित रखा जा सके और लोगों की सेहत को भी बचाया जा सके।






