Pune Molestation: पुणे में स्कूल बस में छेड़छाड़, दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुई घटना से उभरा आक्रोश

Pune Molestation: 30 सितंबर को पुणे में एक गंभीर घटना सामने आई, जिसमें एक स्कूल बस चालक पर दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब दोनों लड़कियाँ स्कूल से घर लौट रही थीं और ड्राइवर ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया। इस मामले में 45 वर्षीय आरोपी ड्राइवर के खिलाफ वानवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना का विवरण
घटना के अनुसार, दोनों लड़कियाँ स्कूल बस में सामने की सीट पर बैठी थीं जब ड्राइवर ने उनके साथ अश्लील हरकतें कीं और उन्हें धमकाया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पोक्सो एक्ट के तहत विभिन्न धाराएँ लगाई गई हैं। पुणे शहर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पुलिस इस घटना के सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है।
समुदाय का आक्रोश
इस घटना के बाद, पुणे के स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। स्कूल जिसके चालक ने यह घिनौनी हरकत की, वह एक प्रतिष्ठित स्कूल है। लोग इस मामले को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि क्या हमारे बच्चे स्कूल में सुरक्षित हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह घटना हमारे समाज के लिए शर्मनाक है। हमें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।”
बडालपुर मामला और इसकी समानताएँ
इस घटना से पहले, लगभग दो महीने पहले, बडालपुर में भी दो लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। उस मामले में, मुख्य आरोपी, अक्षय यादव, को पुलिस कार्रवाई में मारा गया था। इस घटना ने भी समाज में गहरी चिंता और रोष पैदा किया था। महाराष्ट्र में इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या से लोग चिंतित हैं और सरकार की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है, जबकि विपक्षी पार्टियों ने पुलिस के कार्यों पर सवाल उठाए हैं। अक्षय यादव के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या फर्जी मुठभेड़ में की गई थी।
पुलिस की जिम्मेदारी
पुलिस की भूमिका इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्हें न केवल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। स्कूल बसों में सुरक्षा उपायों को सख्त करने की आवश्यकता है, जैसे कि ड्राइवरों की जांच, सुरक्षा कैमरे की व्यवस्था, और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गहन शिक्षण।
समाज की जिम्मेदारी
इस तरह की घटनाएँ केवल पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज को भी इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। माता-पिता को अपने बच्चों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उन्हें इस प्रकार की घटनाओं से बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
एक स्थानीय महिला ने कहा, “हमें बच्चों को यह सिखाना होगा कि अगर उन्हें कोई असुरक्षित महसूस कराता है तो उन्हें तुरंत बताना चाहिए। हमें एक ऐसे वातावरण की आवश्यकता है जहाँ बच्चे खुलकर अपनी समस्याओं को व्यक्त कर सकें।”
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय नेताओं ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे और इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाए।






