Israeli army bombing: हिज़्बुल्ला के वरिष्ठ कमांडर सुहैल हुसैनी की हत्या

Israeli army bombing: इजरायली सेना ने लेबनान में हिज़्बुल्ला के लक्ष्यों पर लगातार हमले जारी रखे हैं। 7 अक्टूबर को हुए हमले की सालगिरह पर, इजराइल ने बेरुत में एक सख्त बमबारी की, जिसमें एक वरिष्ठ हिज़्बुल्ला कमांडर की हत्या कर दी गई। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि इस हमले में सुहैल हुसैनी मारे गए हैं, जो आतंकवादी समूह के उपकरण, बजट और प्रबंधन के प्रभारी थे। इस हमले के बारे में हिज़्बुल्ला की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हुसैनी की भूमिका
इजरायली सेना के अनुसार, सुहैल हुसैनी ईरान से आधुनिक हथियारों की आपूर्ति में शामिल थे और उन्हें हिज़्बुल्ला के विभिन्न इकाइयों में पहुँचाने का कार्य करते थे। हुसैनी हिज़्बुल्ला के सैन्य परिषद के सदस्य भी थे। पिछले कुछ हफ्तों में, इजरायल ने हिज़्बुल्ला के कई शीर्ष कमांडरों को मारा है, जिसमें हिज़्बुल्ला के शीर्ष नेता हसन नसरल्ला भी शामिल हैं।
इजरायल का जमीनी हमला
हाल ही में, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में एक सीमित जमीनी हमले की शुरुआत की, जो अभी भी जारी है। इस बीच, हिज़्बुल्ला ने अपने मरे हुए कमांडरों के स्थान पर नई नियुक्तियाँ की हैं। उन्होंने इजराइल के खिलाफ रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमलों को जारी रखने की कसम खाई है जब तक गाज़ा पट्टी में संघर्ष विराम नहीं हो जाता।
इजरायल की चेतावनी
इससे पहले, इजरायल ने हिज़्बुल्ला पर हुए हमलों में भारी नुकसान पहुँचाया है। इजरायली सेना ने यह भी बताया है कि वे जल्द ही लेबनान के दक्षिणी तट पर एक बड़े ऑपरेशन की योजना बना रहे हैं। सेना के बयान में कहा गया है कि उन्होंने भूमध्य सागर के 60 किलोमीटर के क्षेत्र में निवासियों और मछुआरों को तट से दूर रहने की चेतावनी दी है। हालांकि, इस बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस प्रकार का ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
क्षेत्रीय स्थिति की जटिलता
इजरायल और हिज़्बुल्ला के बीच यह संघर्ष अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है। हिज़्बुल्ला ने इजरायल के खिलाफ हमलों को बढ़ाने का संकल्प किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। इजराइल की सुरक्षा स्थिति भी अब खतरे में है, क्योंकि हिज़्बुल्ला के पास अत्याधुनिक हथियारों की भरपूर संख्या है।
हिज़्बुल्ला का जवाब
हिज़्बुल्ला ने अपने नए कमांडरों की नियुक्ति के बाद भी अपने आक्रमणों को जारी रखने की बात की है। उनकी रणनीति अब यह है कि वे इजरायल के खिलाफ एक और आक्रामक रुख अपनाएँगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकती है। हिज़्बुल्ला का यह ऐलान इजरायली सुरक्षा बलों के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि उन्हें पहले ही काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
इस संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। कई देश इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और संघर्ष विराम की अपील कर रहे हैं। कुछ देश इजरायल के प्रति समर्थन प्रकट कर रहे हैं, जबकि हिज़्बुल्ला की गतिविधियों को नकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।
संभावित परिणाम
इस तनावपूर्ण स्थिति का क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अगर हिज़्बुल्ला के हमले बढ़ते हैं, तो यह इजरायल के साथ एक बड़े युद्ध का कारण बन सकता है, जिसका असर मध्य पूर्व के अन्य देशों पर भी पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस संघर्ष को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।






