Failed: अपनी ही पार्टी के पार्षदों को अपने पक्ष में खड़ा करने में कामयाब नहीं हो पा रहे भाजपा के महापौर

Failed:

रुड़की। नगर निगम रुड़की में भाजपा का बहुमत होने के बावजूद भी महापौर पार्टी के पार्षदों को एकजुट नहीं कर पा रहे हैं रहे हैं। जिसके चलते महापौर को निगम बोर्ड चलाना परेशानी का सबब बना हुआ है। नगर निगम में भाजपा का बोर्ड होने के बावजूद भी मेयर के पक्षधर पार्षदों के विकास कार्यों के प्रस्ताव बोर्ड में गिर जाते हैं जबकि उनके विरोधी पार्षद बड़ी संख्या में होने के चलते अपने सभी प्रस्ताव पास करा लेते हैंl पूर्व की भांति शनिवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई और मेयर विरोधी गुट के पार्षद अपने अपने प्रस्ताव पारित कराने में कामयाब हो गए। जबकि मेयर गुट के पार्षदों के अधिकतर प्रस्ताव निरस्त हो गए।

रुड़की नगर निगम में भाजपा पार्षदों का बहुमत है और महापौर गोयल गोयल भी भाजपा के ही हैं। लेकिन महापौर गौरव गोयल का अधिकतर पार्षदों के बीच पिछले काफी समय से 36 का आंकड़ा चला आ रहा है। पिछले डेढ साल के भीतर जो भी बोर्ड बैठक हुई उसमें विरोधी गुट महापौर पर भारी पड़ा है। निगम के सदन में भाजपा बहुमत में है लेकिन महापौर को लेकर भाजपा के कुछ पार्षद नाराज चले आ रहे हैं। इन नाराज पार्षदों के साथ निर्दलीय, कांग्रेस व बसपा के भी पार्षद मिले हुए हैं।
जब भी नगर निगम के बोर्ड बैठक होती है तो विरोधी खेमा एकजुट होकर महापौर को घेरने में कोई कमी नहीं छोड़ता। हालांकि कई बार भाजपा के दिग्गज नेताओं ने नाराज पार्षदों को मनाने का प्रयास भी किया लेकिन इसमें कोई सफलता नहीं मिल पाई है। शनिवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में एक बार फिर महापौर नाकाम होते नजर आए। विरोधी खेमे के पार्षदों की संख्या अधिक होने के कारण महापौर व उनके गुट के पार्षद बोर्ड बैठक में अपने प्रस्ताव पारित नहीं करा सके जबकि विरोधी गुट के सभी पार्षद अपने अपने प्रस्ताव को बहुमत से पारित कराने में कामयाब हो गए। बोर्ड बैठक में पार्षदों के बीच आपसी खींचतान भी नजर आई।
पार्षदों का एक खेमा जहां महापौर पर गंभीर आरोप लगाता नजर आया तो वही महापौर ने भी कुछ पार्षदों के साथ ही पूर्व नगर आयुक्त व पूर्व सहायक नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। बहरहाल जिस तरह बोर्ड बैठक में हंगामा होता आ रहा है उसका सीधा असर शहर के विकास पर पड़ना लाजमी है। बहरहाल आगे क्या होगा यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन रुड़की नगर निगम में भाजपा का बहुमत होने के बावजूद भी भाजपा के मेयर बोर्ड चलाने में नाकाम हो रहे हैं जिसका खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।






