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Roorkee: सीएसआईआर-सीबीआरआई में भवन निर्माण सामग्री और निर्माण प्रौद्योगिकियों में प्रगति पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन

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रुड़की। सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई), रुड़की में 14 से 16 जनवरी, 2026 तक तीन दिवसीय एकीकृत कौशल पहल कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में गलगोटिया विश्वविद्यालय के कुल 30 छात्रों और 3 संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जहां उन्हें अत्याधुनिक अनुसंधान, प्रयोगशाला सुविधाओं और आधुनिक निर्माण पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम का मुख्य केंद्र भवन निर्माण सामग्री और निर्माण प्रौद्योगिकियों में हुई नवीनतम प्रगति पर था। उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और आउटरीच एवं प्रसार सेवा के प्रमुख डॉ. नीरज जैन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की भूमिका और प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों से परिचित कराया और कौशल पहल के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

डॉ. तबिश आलम, प्रधान वैज्ञानिक, समन्वयक, ने कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय देते हुए मुख्य विषयों और भवन निर्माण सामग्री एवं निर्माण प्रौद्योगिकियों में प्रगति पर केंद्रित तकनीकी सत्रों की व्याख्या की। उन्होंने नई सामग्रियों और आधुनिक निर्माण पद्धतियों पर चर्चा करते हुए टिकाऊ और मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास में उनके महत्व पर जोर दिया।

सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक, प्रोफेसर आर. प्रदीप कुमार ने उद्घाटन भाषण देते हुए प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने देश में उन्नत निर्माण प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला और भवन निर्माण क्षेत्र में उनके तेजी से अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने वर्तमान और भविष्य की बुनियादी ढांचागत चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन, किफायती और टिकाऊ भवन समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसके बाद, डॉ. एस. जे. अलेक्जेंडर, प्रधान वैज्ञानिक, ने समझौता ज्ञापन का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया एवम सीएसआईआर-सीबीआरआई और गैलगोटिया विश्वविद्यालय, नोएडा के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

सत्र का समापन डॉ. सौमित्रा मैती, प्रधान वैज्ञानिक, के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने उद्घाटन सत्र के सफल संचालन में बहुमूल्य सहयोग और योगदान के लिए निदेशक, वक्ताओं, आयोजकों, संकाय और प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान भवन निर्वान से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर 18 व्याख्यान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा दिए जाएंगे। इसि कर्यक्रम मे प्रतिभागी व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और संस्थान की अनुसंधान सुविधाओं पर चल रहे वैज्ञानिक कार्यों की गहन समझ हासिल करने के लिए कई प्रयोगशालाओं का दौरा भी करेंगे।इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को भवन निर्माण सामग्री एवं निर्माण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में बहुमूल्य ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था, जिससे उनके कौशल एवं क्षमताओं में वृद्धि हो सके।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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