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1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद

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राजकीय इंटर कॉलेज देहलचौरी में बाल संरक्षण एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग की ओर से बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित जन-जागरूकता अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज देहलचौरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की जानकारी प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बच्चों के लिए संकट की स्थिति में सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा अन्य समस्या की स्थिति में बच्चे या उनके आसपास के लोग 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में कविता ने छात्र-छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा किसी अन्य संकट की स्थिति में 1098 पर कॉल कर सहायता एवं संरक्षण प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

समन्वयक अभिषेक नेगी ने महिला कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली, बाल संरक्षण से जुड़ी सेवाओं एवं दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराधों एवं यौन शोषण से संरक्षण प्रदान करता है।

बाल कल्याण समिति की सदस्य गंगोत्री नेगी ने समिति की भूमिका एवं कार्यप्रणाली के साथ ही बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी कठिन परिस्थिति में बिना झिझक सहायता लेने का आह्वान किया।

पुलिस विभाग से सब-इंस्पेक्टर शशि भूषण ने साइबर अपराध एवं बाल विवाह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी एवं पासवर्ड किसी से साझा न करने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी तत्काल संबंधित व्यक्ति अथवा पुलिस को देने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में बच्चों, अभिभावकों एवं समाज की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में कांस्टेबल बद्री प्रसाद एवं रतन सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिकार मित्र लक्ष्मी देवी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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