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राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज: अक्तूबर के पहले 17 दिनों में मिले 304 मरीज

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नई दिल्ली-  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू का डंक एक बार फिर तेजी से असर दिखा रहा है। अक्तूबर महीने में डेंगू के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नगर निगम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर के शुरुआती 17 दिनों में ही राजधानी में डेंगू के 304 नए मरीज सामने आ चुके हैं। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस साल के किसी भी अन्य महीने की तुलना में यह आंकड़ा सबसे अधिक है।

इससे पहले सितंबर के महीने में डेंगू के 286 मामले दर्ज किए गए थे। इस प्रकार, अक्तूबर के अभी कई दिन बाकी होने के बावजूद यह महीना सितंबर को पीछे छोड़ चुका है और अब तक 18 अधिक मरीज मिल चुके हैं। अकेले पिछले एक हफ्ते के भीतर ही राजधानी में 102 नए मामले सामने आए हैं।

इस साल अब तक कुल 901 मामले

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 17 अक्तूबर तक दिल्ली में डेंगू के कुल 901 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कुल मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेले अक्तूबर के इन शुरुआती 10-15 दिनों में ही सामने आया है। हालांकि, इस बीच एक राहत भरी खबर यह है कि इस साल अब तक डेंगू संक्रमण के कारण किसी भी मरीज की मौत की सूचना नहीं मिली है।

क्षेत्रवार स्थिति: मध्य जोन सबसे ज्यादा प्रभावित

दिल्ली के विभिन्न जोनों से सामने आए आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य जोन में डेंगू का सबसे बुरा हाल है। यहाँ अब तक सबसे अधिक 110 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख जोन इस प्रकार हैं:

नजफगढ़ जोन: 98 मामले

शाहदरा उत्तर जोन: 92 मामले

पश्चिम जोन: 91 मामले

दक्षिण जोन: 90 मामले

करोल बाग जोन: 60 मामले

सिविल लाइंस जोन: 56 मामले

रोहिणी और अन्य जोन: स्थिति नियंत्रण के प्रयास जारी हैं, जहाँ 32 से 51 के बीच मामले मिले हैं।

पिछले वर्षों से तुलना: राहत और चेतावनी दोनों

अगर पिछले साल की समान अवधि (17 अक्तूबर तक) से तुलना की जाए, तो इस वर्ष स्थिति थोड़ी बेहतर नजर आ रही है। पिछले साल इस अवधि तक 994 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस साल यह संख्या 901 है।

लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अक्तूबर के महीने में जिस रफ्तार से मामले बढ़ रहे हैं, वह चिंता का विषय है। पिछले वर्षों के आंकड़े भी गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं:

वर्ष 2023: 9,266 मामले और 19 मौतें

वर्ष 2024: 6,391 मामले और 11 मौतें

वर्ष 2025: 1,509 मामले और 4 मौतें

यद्यपि इस वर्ष अब तक शून्य मृत्यु दर एक राहत की बात है, फिर भी अक्तूबर में लगातार तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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