Wayanad landslide: वायनाड में पाए गए शवों को जलाया जाएगा या दफनाया जाएगा? जानिए राज्य सरकार के निर्देश

Wayanad landslide: वायनाड जिले में हाल ही में आई भयंकर भूस्खलन त्रासदी के बाद प्रशासन के सामने नए चुनौतियां आ रही हैं। बचाव कार्य जारी रहने के साथ ही बड़ी संख्या में शव और मानव अंग बरामद हो रहे हैं। इनमें से कई शव ऐसे हैं जिनकी पहचान नहीं हो पा रही है या जिनके रिश्तेदार भी इस दुर्घटना में मारे गए हैं। इस स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने कुछ नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सरकारी दिशा-निर्देश
डीएनए और दांतों के नमूने: शवों की पहचान के लिए डीएनए और दांतों के नमूने एकत्र किए जाएंगे। प्रत्येक शव या अंग को एक पहचान संख्या दी जाएगी, जिसे सभी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा, जिसमें नमूने, फ़ोटोग्राफ़, वीडियो और शारीरिक वस्तुएं शामिल हैं।
शव की पहचान की पूरी कोशिश: पुलिस को शवों या अंगों की पहचान के लिए पूरी कोशिश करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर 72 घंटे की जांच के बाद भी शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो शव को जिला प्रशासन के पास सौंपा जाएगा।
दफनाने के निर्देश: राज्य सरकार ने आदेश दिया है कि सभी शवों को केवल दफनाया जाएगा। दफनाने के स्थान पर पहचान संख्या को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा और उस स्थान पर स्थानीय पंचायती या नगर पालिका के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
रिकॉर्ड का रखरखाव: जिला प्रशासन को दफनाने के स्थान का विवरण रिकॉर्ड में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संदर्भ के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहे।
अब तक की स्थिति
वायनाड में भूस्खलन के चार दिन बाद तक 215 शव और 143 अंग बरामद किए जा चुके हैं। साथ ही, 218 लोग अभी भी लापता हैं।






