Bihar: गया के बेलागंज में पागल युवक ने किया हमला, अधेड़ का प्राइवेट पार्ट काटा

Bihar: बिहार के गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के सिंदानी गांव में एक युवक ने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति पर न केवल हमला किया, बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट को भी काट डाला। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घायल अधेड़ व्यक्ति का नाम गणेश भगत है, जो अपने गांव में इस बर्बरता का शिकार हुए।
घटना का विवरण
गणेश भगत ने बताया कि वह सुबह टहलने के लिए निकले थे, तभी गांव के ही कमल मियां नाम के युवक ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कमल ने पहले तो गणेश को पीटा और फिर उनके सिर पर लकड़ी से वार किया, जिससे वह ज़मीन पर गिर पड़े। इसके बाद, कमल ने एक चाकू से गणेश भगत के प्राइवेट पार्ट को काट दिया। इस डरावनी घटना के दौरान गणेश की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए, लेकिन तब तक कमल भाग चुका था।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही 112 डायल की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल गणेश भगत को बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि गणेश भगत की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया में भेजा गया है। फिलहाल, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
FIR और गिरफ्तारी
तैनात DSP तथा बेलागंज के थाना प्रभारी सदानंद कुमार ने बताया कि पीड़ित गणेश भगत की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी युवक कमल मियां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कमल ने गणेश भगत पर हमला क्यों किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच कोई पूर्व विवाद नहीं था। आरोपी कमल मियां को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है और पुलिस पूछताछ कर रही है।
समाज में बढ़ता हिंसा का खतरा
इस घटना ने गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल बना दिया है। लोग इस प्रकार की बर्बरता की उम्मीद नहीं कर रहे थे। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया यह हमला दर्शाता है कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा
इस घटना ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है: क्या हम अपने समाज में मानसिक स्वास्थ्य को पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं? पागलपन या मानसिक असंतुलन के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है, और ऐसे व्यक्तियों को समाज में सही देखभाल और सहायता नहीं मिल पा रही है। यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
गाँव का वातावरण
गांव के लोग इस घटना के बाद भयभीत हैं। वे कहते हैं कि ऐसी घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। लोग अब रात को बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। इससे पहले गांव में इस प्रकार की कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, जिससे गांव का माहौल शांत और सुरक्षित बना हुआ था।
भविष्य के लिए समाधान
इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इसके साथ ही, समाज के प्रत्येक सदस्य को मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाने की दिशा में काम करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी और गैर सरकारी संगठनों को मिलकर काम करना होगा, ताकि ऐसे व्यक्तियों की मदद की जा सके और समाज में शांति स्थापित हो सके।






