Rudrapur: महिला के साथ अभद्रता और अपहरण की कोशिश, शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

Rudrapur: रुद्रपुर के शहदौरा क्षेत्र में एक महिला के साथ अभद्रता और अपहरण की कोशिश की घटना ने सनसनी मचा दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ यह हरकत उसके पूर्व ससुराल वालों ने की, जब वे उसकी ससुराल पहुंचे और उसे अगवा करने का प्रयास किया। इसके बावजूद, पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे महिला को अब एसएसपी कार्यालय में शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग करनी पड़ी।
महिला ने एसएसपी कार्यालय में की शिकायत
शहदौरा के घेराफार्म निवासी शहनाज पत्नी सुलतान ने पुलिस से शिकायत की कि वर्ष 2022 में उसके माता-पिता ने उसकी इच्छा के खिलाफ उसकी शादी जयनगर, दिनेशपुर के एक युवक से करा दी थी। ससुराल वालों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार के कारण उसने अपने रिश्तेदारों के पास शरण ली। बाद में एक पंचायत बुलाकर आपसी सहमति से तलाक हो गया। तलाक के बाद, उसके पूर्व पति ने दूसरी बार शादी कर ली, जबकि शहनाज ने अपनी इच्छा से सुलतान से शादी की।
17 नवंबर को ससुराल वाले पहुंचे रिश्तेदारों के घर
18 नवंबर को खटीमा में उसके रिश्तेदारों के घर शादी समारोह आयोजित था, जिसमें उसके ससुराल वाले भी शामिल हुए। समारोह के दौरान उसके पूर्व ससुराल वालों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पति और अन्य ससुराल वालों की पिटाई कर दी। इसके बाद, उन्होंने शहनाज को तलाशना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब वे शहदौरा पहुंचे, तो उन्होंने शहनाज के साथ अभद्रता की और अपहरण की कोशिश की। घटना के दौरान जब वन विभाग के Beat Officer मौके पर पहुंचे, तो आरोपी धमकाते हुए वहां से भाग गए।
पुलिस ने शिकायत के बावजूद की कोई कार्रवाई नहीं
पीड़िता का आरोप है कि उसने इस घटना के बाद बाराचौकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उसने अब एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला एक और हिंसा का हुआ शिकार
रुद्रपुर में एक और मामला सामने आया, जिसमें एक झगड़ते हुए पति-पत्नी के बीच हस्तक्षेप करने पर एक महिला को मारपीट का शिकार होना पड़ा। 13 राजीव नगर वार्ड की निवासी अनीता पत्नी रामस्वरूप ने अपनी शिकायत में बताया कि वह शुक्रवार रात करीब 9 बजे अपने कमरे में सो रही थीं, तभी अचानक उन्हें चीखें सुनाई दीं। जब वह कमरे से बाहर निकलीं, तो उन्होंने देखा कि उनके मकान मालिक का पति-पत्नी में झगड़ा हो रहा था। जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी गुस्से में आ गए और उन्हें गालियां दीं, थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर घर से बाहर खींच लिया।
मकान मालिक के साथियों ने भी की मारपीट
आरोपियों ने अनीता के साथ मारपीट जारी रखी और इसके साथ ही उनके दामाद और बेटी को भी गालियां दीं और मारा। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ जातिवादी गालियां दी गईं और अपमानित किया गया। महिला ने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
इन दोनों घटनाओं ने रुद्रपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना में जहां एक महिला के साथ अपहरण और अभद्रता की कोशिश की गई, वहीं दूसरी घटना में एक महिला को झगड़े में हस्तक्षेप करने के कारण हिंसा का शिकार होना पड़ा। इन दोनों घटनाओं से साफ है कि महिला सुरक्षा के मामले में पुलिस की निष्क्रियता और समाज में बढ़ती हिंसा एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
पुलिस की तत्परता और कार्रवाई की आवश्यकता
इन घटनाओं में पुलिस की तत्परता की कमी ने महिलाओं को असुरक्षित महसूस कराया है। पुलिस को इन प्रकार की घटनाओं में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और समाज में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश जाए। खासकर महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और अभद्रता के मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
पीड़िता की उम्मीद और भविष्य की दिशा
शहनाज और अनीता जैसी महिलाएं अब न्याय की उम्मीद लेकर आगे बढ़ रही हैं, लेकिन यह समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ा सबक है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पुलिस की कड़ी कार्रवाई और प्रशासन की सजगता ही महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान दिलाने का एकमात्र रास्ता हो सकता है।
रुद्रपुर में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में सख्त कानून और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को उनका हक मिल सके और वे सुरक्षित महसूस कर सकें। प्रशासन को चाहिए कि वह महिला सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में रखे और हर स्तर पर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।






