राष्ट्रीय

पुलिस ने किया रमेश हत्याकांड का खुलासा

Spread the love

मोहम्मदपुर जट्ट के कबूतरबाजी और नृशंस हत्याकांड का पुलिस ने किया अनावरण।

खुन से भरी मिली थी चादर, गंदे नाले में पड़ा मिला था अविवाहित अधेड का शव, पूरे क्षेत्र में फैल गई थी दहशत

पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर केस में न कोई राह न कोई ईलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज, लेकिन सच्चाई सामने लाने की ज़िद बनी खुलासे की बानगी

गाली-गलौज सुन हत्यारे ने दिया खौफनाक वारदात को अंजाम

मंगलौर,(शालू गोयल)मंगलौर कोतवाली पुलिस को 30 जनवरी की सुबह  सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम मोहम्मदपुर जट में अकेले रह रहे वृद्ध का बिस्तर खून से सना हुआ है लेकिन उक्त वृद्ध गायब है। बाद में मृतक का शव  कुछ दूरी पर गंदे नाले से बरामद हुआ था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह, एसपी क्राइम/ट्रैफिक पंकज गैरोला, एएसपी/सीओ जितेंद्र मेहरा, सीओ रुड़की पल्लवी त्यागी, एसएचओ मंगलौर अमरचंद शर्मा समेत तमाम पुलिस अधिकारियों एवं फॉरेंसिक टीम व स्वान दल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए एवं घटना के अनावरण के लिए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम रक्त बिंदुओं के आधार पर डेड बॉडी तक पहुंची। आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर फॉरेंसिक टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए। सुबह-सुबह उक्त घटना के संज्ञान में आने पर गांव में चौतरफा सनसनी फैल गई जिसने सुना वही घटनास्थल की तरफ रवाना हो गया। प्रारंभिक तौर पर दिखा कि किसी धारदार हथियार से वीभत्स तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया है। मृतक द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना, लोगों से कम मिलना जुलना एवं अन्य भी किसी प्रकार की कोई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस न मिलने के कारण घटना का खुलासा करना हरिद्वार पुलिस के लिए एक बड़ा चैलेंज बन गया।घटना के सबंध में मर्तक रमेश के भतीजे सुखपाल  निवासी मोहम्मदपुर जट कोतवाली मंगलौर की लिखित शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। रविवार को वरिष्ठ उप निरीक्षक परमेंद्र डोभाल ने बताया कि गठित की गई कई पुलिस टीमों द्वारा  मिली जानकारियों को आपस में जोड़ते हुए यह प्रकाश में आया कि संदिग्ध अंकित जो लगातार अपने ठिकाने बदलता है तथा जंगलों में निवास करता है, का मृतक से वार्तालाप होता था लेकिन पिछले कुछ समय से विवाद भी था।  मुखबिर की सूचना पर नारसन क्षेत्र में पैदल जा रहे उक्त संदिग्ध (अंकित) को दबोचकर पूछताछ की गई तो सारा मामला खुल कर सामने आ गया। यह भी जानकारी में आया कि उक्त अंकित कई दिनों बाद राजस्थान से वापस लौटा था। पूछताछ में सामने आया कि अंकित की दोस्ती कबूतर पालन और पेंटर का काम करने वाले रमेश (मृतक) से थी। अंकित ने मृतक रमेश के समय-समय पर कुछ कबूतर मार दिए। जिस कारण अंकित के सामने आने पर मृतक रमेश बार-बार अंकित को मां की गाली देता था। मरे हुए कबूतर को गाढ़ देने पर हुए विवाद व मृतक रमेश के बार-बार अंकित को मां की गाली देने से बुरी तरह नाराज होकर अंकित ने रमेश की कुल्हाड़ी से काटकर/मारकर नृशंस हत्या कर दी और लाश को वहां से कुछ दूरी पर ले जाकर गंदे नाले में फेंक दिया। उल्लेखनीय है कि हत्यारे को पकड़ना इतना सरल नहीं था क्योंकि इसके द्वारा आजीवन कभी भी फोन का इस्तेमाल नहीं किया गया। लोगों के ज्यादा टच् में नहीं था। शुरुआती दौर में गांव में दूसरी बिरादरी पर शक था जिस कारण जल्दी खुलासा न होने पर गांव में सुगबुगाहट बढ़ रही थी जिस कारण उक्त प्रकरण कभी भी शांति व्यवस्था के दृष्टिकोण से संवेदनशील हो जाता। साथ ही शव को गंगनहर में फेंकने का हत्यारे का प्लान अगर कामयाब हो जाता तो खुलासा करने में खासे मुशकिलात पेश आते।हरिद्वार पुलिस की सटीक करवाई, देहात क्षेत्र अधिकारियों का प्रकरण के संबंध में हर प्राप्त हो रही जानकारी को कई चरणों में चैक करने हेतु गठित की गई टीमों पर बारीकी से पर्यवेक्षक करना और पूरी टीम का “एक इकाई के रूप में” कार्य करते हुए सफलता प्राप्त करना ऐसा खुलासा रहा जिस पर मंगलौर क्षेत्र की जनता ने हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कोतवाली मंगलौर जाकर थाना पुलिस को भी सराहा।

बरामद माल -हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी

 

*नाम पता अभियुक्त-*

पुलिस टीम-

1- प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर अमरचंद शर्मा

2- वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राठी

3- उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर

4- हेड कांस्टेबल सेंसर पाल

5- कांस्टेबल पंकज

6 -कांस्टेबल राजेश देवरानी

7-कांस्टेबल विनोद बर्थवाल

 

Manoj kumar

Editor-in-chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!