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Dehradun: एमडीडीए की सख्ती- अतुल्यम रिजॉर्ट के पास 10 बीघा में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

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अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश नाकाम, विकासनगर तहसील अंतर्गत रेतीवाला क्षेत्र में दोबारा की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत सभी सेक्टरों में अलग-अलग टीमें गठित कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए की इस मुहिम का उद्देश्य सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना तथा अवैध निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा विकासनगर तहसील अंतर्गत रेतीवाला क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपक्षी  अभिनव बंसल एवं अन्य द्वारा रेतीवाला स्थित अतुल्यम रिजॉर्ट के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति प्राप्त किए अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। उक्त भूमि पर प्लाटिंग हेतु सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था, जो उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एमडीडीए द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था तथा अवैध निर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मौके पर नियमों की अनदेखी कर अवैध गतिविधियों को जारी रखने का प्रयास किया गया।

प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंताओं की रिपोर्ट के अनुसार उक्त अवैध प्लाटिंग को पूर्व में दिनांक 20 मई 2026 को ध्वस्त किया गया था। हालांकि इसके बाद भी संबंधित पक्ष द्वारा पुनः अवैध रूप से सड़क एवं प्लाटिंग संबंधी कार्य प्रारंभ करने का प्रयास किया गया। शिकायत एवं निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एमडीडीए की टीम ने पुनः मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित सीसी सड़क तथा प्लाटिंग से संबंधित संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल, अभियंत्रण शाखा तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लाटिंग अथवा निर्माण कार्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी
एमडीडीए ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। अवैध प्लाटिंग में निवेश करने से आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है। जो लोग बिना अनुमति के निर्माण अथवा प्लाटिंग कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में गठित टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अवैध निर्माण अथवा प्लाटिंग की सूचना तत्काल प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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