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एसटीएफ का बड़ा एक्शन, ट्रामाडोल तस्करी नेटवर्क का एक और आरोपी गिरफ्तार

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 लगभग 77 पेटियों (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE (Tramadol) Capsules की अवैध सप्लाई का खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हरिद्वार में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई कर रहा था।

मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों के तहत एसटीएफ प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 11 मई 2026 को एसटीएफ, एएनटीएफ और मंगलौर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना एसटीएफ देहरादून द्वारा की जा रही है।

जांच के दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपी सचिन मनिहाल से मिले साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई। एसटीएफ के अनुसार आरोपी जनवरी 2026 से ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप लेकर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। बिक्री से मिलने वाली रकम में अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि सह-आरोपी को नकद और बैंक खातों के माध्यम से भेजी जाती थी।

विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपी को अब तक करीब 77 पेटियां, यानी लगभग 6,930 डिब्बे प्रतिबंधित SPASMORE (ट्रामाडोल) कैप्सूल विभिन्न खेपों में मिले थे। पुलिस के अनुसार बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी पता चला कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने सह-आरोपी के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, जिनके डिजिटल साक्ष्य एसटीएफ ने जुटा लिए हैं।

एसटीएफ ने आरोपी अंकित कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल फोन और एक वीवो V50e मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पूरे सप्लाई नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस या एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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