सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक, वेतन वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती
देहरादून। उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार को लेकर पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर हुई बैठक की अध्यक्षता सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने की। बैठक में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, आयोग के सदस्य, नगर निकायों के आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, नए स्थायी पदों के सृजन और समाप्त किए गए पदों को बहाल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और नगर निकायों के विस्तारित क्षेत्रफल को देखते हुए पर्यावरण मित्रों और पर्यवेक्षकों के पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने मोहल्ला स्वच्छता समितियों और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कर्मियों के समान वेतन देने की मांग की। साथ ही दैनिक वेतन, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी गई।
ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और कल्याण कोष की मांग
बैठक में सफाई कार्य से ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने और नमस्ते योजना के तहत सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने की मांग उठी। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष बनाने, भूमि एवं आवास की सुविधा देने, कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी सामने रखी गई।
वेतन वृद्धि पर शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन
सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर निकायों की व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पद सृजन सहित शासन स्तर से जुड़े मामलों को उच्च स्तर पर रखा जाएगा। सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से जोड़कर अन्य कर्मचारियों की तरह वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
उन्होंने सभी नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और जहां भी उपकरणों की कमी हो, वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ईएसआई, पीएफ और स्वास्थ्य जांच की सुविधा होगी सुनिश्चित
सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई और पीएफ का लाभ दिलाने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भूमि और आवास उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। निजी भूमि रखने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने और भवन निर्माण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की संभावनाएं भी देखी जाएंगी।
नगर निकायों के आयुक्तों को सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अगले तीन माह में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक कर्मचारी का साल में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमारी सामने आने पर समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। सचिव ने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्रियों ने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर चर्चा करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर समेत प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और आयोग के सदस्य मौजूद रहे।




