पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व वसूली, लंबित राजस्व वाद, दैवीय आपदा प्रबंधन, भूलेख, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने को कहा। बड़े बकायेदारों से विविध देयकों की वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन अमीनों की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन रोका जाए।
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले एक माह में अधिक से अधिक पुराने मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। धारा 166 और 167 से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता देने तथा उनकी अद्यतन स्थिति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
दैवीय आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें और रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने ग्राम स्तर पर नुकसान का शीघ्र आकलन करने के लिए खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ साप्ताहिक बैठक करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसीलों में वुडकटर समेत जरूरी उपकरण और संबंधित वाहनों में आपदा किट उपलब्ध रखने को कहा, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। बैठक में बताया गया कि जिले में क्षतिग्रस्त 63 पटवारी चौकियों में से अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर काम जारी है।
खातेदारों के अंश निर्धारण कार्य में सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भूलेख एप्लिकेशन पर उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित मामलों के निस्तारण में कम प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित भू-अनुमति पोर्टल के मामलों में भी तेजी लाने को कहा।
फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही खरीफ फसल के डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम जल्द शुरू कराने को कहा गया।
तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि संबंधित व्यक्ति की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य देयकों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे मामले लंबे समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए। सभी प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने, लंबित प्रकरणों का समय से निस्तारण करने और तहसीलों में डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी के साथ होटल और होमस्टे का सत्यापन कराने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, चौबट्टाखाल रेखा आर्य, लैंसडाउन शालिनी मौर्य सहित तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



