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कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों के साथ सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

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घुड़दौड़ी में 185 इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, लैंसडाउन के तत्वावधान में जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी में करियर परामर्श एवं प्रेरणा वार्ता आयोजित की गयी। ‘भविष्य के लिए तैयार इंजीनियर: करियर, कौशल, नवाचार एवं अवसर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के 185 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा रोजगार-प्रार्थियों को उभरते करियर विकल्पों, कौशल विकास एवं प्रमाणन, अप्रेंटिसशिप, उद्यमिता, स्टार्टअप और स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराना था। इस दौरान प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), स्किल इंडिया, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस), डिजिटल इंडिया, पीएम विश्वकर्मा तथा एमएसएमई से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को इन योजनाओं की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संपर्क सुविधाओं के बारे में भी बताया गया।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के बाद सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार, उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी दक्षता और कौशल प्रमाणन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप करियर का चयन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार, विकास और आजीविका संबंधी संभावनाओं के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को करियर के विकल्पों और रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी दक्षता बढ़ाकर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों का लाभ उठाने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

करियर काउंसलर एवं अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुसार करियर की दिशा निर्धारित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, तकनीकी दक्षता और समय पर लिए गए निर्णय युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सहायक होते हैं।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने करियर एवं रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त की और इसे भविष्य की योजना बनाने के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम में गोविंद बल्लभ पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कार्यकारी निदेशक डॉ. के.एस. मायर, डॉ. के.एस. भाटिया, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रीति डिमरी, जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक विजेंद्र सिंह एवं नीरज नेगी, अग्रणी जिला प्रबंधक किशन रावत, नाबार्ड के प्रबंधक हिमांक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

Manoj kumar

Editor-in-chief

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