देहरादून में पुलिस का बड़ा सत्यापन अभियान, 487 किरायेदारों की जांच; 5.38 लाख रुपये का जुर्माना

नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में दून पुलिस की कार्रवाई, 23 संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने आमजन की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने 487 किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर भवन स्वामियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए कुल 5 लाख 38 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया।
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने राजीव नगर, रिस्पना नगर, चक शाह नगर और दीपनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया। इस दौरान किरायेदारों, घरेलू सहायकों, बाहरी व्यक्तियों और पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया गया।
30 भवन स्वामियों पर 5.30 लाख का जुर्माना
सत्यापन अभियान के दौरान किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन नहीं कराने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आने पर 30 भवन स्वामियों के विरुद्ध धारा 53 पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई। इन पर कुल 5 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
23 संदिग्धों से पूछताछ, 17 के चालान
अभियान के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 व्यक्तियों को पूछताछ और सत्यापन के लिए थाने लाया गया। नियमों का उल्लंघन करने पर 17 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान कर 8,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पुलिस ने पूर्व में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे, प्रकाश में आए और जमानत पर चल रहे अभियुक्तों का भी भौतिक सत्यापन किया। साथ ही उन्हें दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सभी थाना क्षेत्रों में जारी रहेगा अभियान
एसएसपी देहरादून ने अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर नजर रखने तथा सत्यापन नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दून पुलिस के अनुसार, जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने भवन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और घरेलू सहायकों का अनिवार्य सत्यापन कराएं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।





